एटा। भोजन की बेतहाशा बर्बादी को लेकर शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग नई शुरुआत करेगा। होटलों और रेस्टोरेंट में प्रतिदिन बचने वाले खाने को कूड़े में फेंकने के स्थान पर अब गरीबों के पेट तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
आए दिन होटल-रेस्टोरेंट में होने वाले समारोह में खाना बचता है और इसे कूड़े में फेंक दिया जाता है। हालांकि अब सरकार खाने की बर्बादी रोकने के लिए प्रयास कर रही है। सेव फूड, शेयर फूड और जॉय फूड अभियान के तहत खाने की बर्बादी रोकने के लिए होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को एफएसएसएआई की वेबसाइट पर पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में सामाजिक संस्था का चयन किया जाएगा, जो होटल रेस्टारेंट से सूचना मिलने के बाद खाने को गरीबों तक पहुंचाएगी। इसके तहत हर होटल और रेस्टोरेंट संचालक और चयनित सामाजिक संस्था को विभाग को खाना पहुंचाने की सूचना देनी होगी। सरकार की नई पहल से साफ है कि खाने की बर्बादी पर रोक लगाने में यह अहम भूमिका निभाएगी।
सामाजिक संस्थाएं करती रही हैं पहल
जिले में पहले भी सामाजिक संस्थाओं ने इस दिशा में अपने स्तर से पहल की है। जैन महिला संगठन, एटा रोटी बैंक ने शादियों में बचने वाले खाने को गरीबों तक पहुंचाया है। तमाम संस्थाएं अभी भी खाने की बर्बादी रोकने को काम कर रही हैं।
तेल से बनेगी बायोगैस
सरकार ने सरसों के तेल से बायोगैस बनाने की भी तैयारी की है। हथठेलों पर बनने वाले खाने में प्रयोग तेल को दो बार से ज्यादा प्रयोग करने पर कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही जिले के बड़े तेल कारोबारियों के साथ हथठेल संचालकों की सूचना शासन को भेजी गई है। जहां से बायोगैस कंपनियों को दो बार सभ ज्यादा प्रयोग होने वाला तेल मुहैया कराया जाएगा।
खाने की बर्बादी रोकने के लिए पहल की जा रही है। जल्द ही पंजीकरण शुरू किए जाएंगे। वहीं तेल से बायोगैस बनाने की प्रक्रिया के तहत शासन द्वारा मांगी गई कारोबारियों की सूचना भेज दी गई है।
जेपी तिवारी, जिला अभिहित अधिकारी एटा