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समय से पहले बंद हुए गेहूं केंद्र, लक्ष्य में पिछड़ा मथुरा

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डेमो - फोटो : SELF
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मथुरा। इस बार समय से पहले ही गेहूं खरीद सत्र समाप्त हो गया है। शासन ने पंद्रह जून तक गेहूं खरीद केंद्र संचालित करने को कहा था लेकिन यहां तो पिछले पंद्रह दिनों से किसी भी सेंटर पर गेहूं आ ही नहीं रहा है। शासन ने 69 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था लेकिन जिले भर में केवल 36 हजार 665 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी है। कुल मिलाकर मथुरा लक्ष्य से बहुत पीछे रह गया है।
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शासन ने एक अप्रैल से पंद्रह जून तक गेहूं खरीद सत्र घोषित किया था। मथुरा जिले में 83 सेंटर खोले गए। एफसीआई, खाद्य विभाग, पीसीएफ और पीसीयू ने गेहूं की खरीद की थी। शासन ने 1840 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का रेट घोषित किया था। शुरूआत में तो गेहूं की खरीद हुई लेकिन मशीनरी के चुनाव में व्यस्त हो जाने के कारण गेहूं की खरीद हो ही नहीं पा रही थी। सेंटर पर स्टाफ ही नहीं था। तौल हो ही नहीं पा रही थी लिहाजा किसानों ने बाजार में गेहूं की बिक्री कर दी।

स्थिति यह है कि पिछले पंद्रह दिनों से किसी भी सेंटर पर गेहूं नहीं पहुंच रहा है। समय से पहले ही मथुरा में सभी गेहूं खरीद केंद्र बंद हो गए हैं। जिन किसानों के पास गेहूं है वह भी सरकारी केंद्रों पर आ ही नहीं रहे हैं। इसके वजह मंडी में गेहूं का रेट बढ़ जाना है। बाजार में इस समय 1850 रुपये क्विंटल में गेहूं खरीदा जा रहा है।
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ऐसे में किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं भला क्यों बेचेगा। जिला विपणन अधिकारी राजेश्वर सिंह ने बताया कि पिछले साल 51 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य था लेकिन इस साल शासन ने बढ़ा दिया था।

खरीद सत्र बढ़ा सकती है सरकार


प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि सरकार गेहूं खरीद सत्र 15 जून से बढ़ाकर 25 जून तक करने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि अभी किसानों के पास गेहूं है और वह बेच नहीं पाए हैं। हालांकि अभी कोई आदेश नहीं आया है लेकिन माना जा रहा है कि एक दो दिन में सत्र बढ़ाने का आदेश पहुंच जाएगा।
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