कोसीकलां (मथुरा)। गांव कामर में हनुमान मंदिर तक वन विभाग की भूमि पर ठेकेदार ने पक्का रास्ता बनाने का शुरू कर दिया है, इसे लेकर वन विभाग और ठेकेदार आमने सामने आ गए हैं। मामले में विभागीय केस के अलावा पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के लिए अधिकारी चक्कर काट रहे हैं। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसको लेकर उन्होंने जिला वनाधिकारी को लिखित पत्र भेजा है।
गांव कामर में हनुमान मंदिर तक जिला पंचायत 800 मीटर का रास्ता बनवा रही है। आरोप है कि ठेकेदार ने अवैध रूप से वन विभाग की जमीन से जा रही पगडंडी पर ही पक्का मार्ग बनाने का कार्य करना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे रुकवाने का प्रयास किया।
वन दरोगा महेंद्र सिंह ने बताया कि वहां फोरेस्ट गार्ड राजवीर को उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर भगा दिया। बताया कि उसके बाद वे मामले को लेकर पुलिस के पास पहुंचे। जहां पुलिस ने भी उनकी रिपोर्ट नहीं ली।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ठेकेदार ग्राम पंचायत की जमीन से गुजर रहे रास्ते को अधिक लागत के कारण नहीं बना रहा है। जबकि वन विभाग की जमीन की पगडंडी को पक्का करने में जुटा है। जो कि नियमानुसार गलत है।
उधर, मामले को लेकर सड़क निर्माण का कार्य करे संस्था के दीपक अग्रवाल ने विभाग के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वे लेखपाल की रिपोर्ट व नक्शे के अनुसार ही निर्माण कर रहे हैं। इसमें कुछ गलत नहीं है। इंस्पेक्टर रवि त्यागी ने बताया कि उन्हें वन विभाग के द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई है। अगर कोई शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।