मैनपुरी। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। जिले में खोले गए जनधन खातों में से 40 प्रतिशत खाते निष्क्रिय (नॉन ऑपरेटिव) हो चुके हैं। ऐसे में मिलने वाली सुविधाएं भी खातेधारकों को नहीं मिल सकेंगी। वहीं, बैंकों को भी इन खातों से नुकसान हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले कार्यकाल में प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत बैंकों में लोगों के खाते खोले गए थे। मैनपुरी में योजना के तहत खोले गए साढ़े सात लाख बैंक खातों में से तीन लाख खाते अब संचालित नहीं हो रहे हैं। इससे ये खाते अब निष्क्रिय (नॉन ऑपरेटिव) की श्रेणी में चले गए हैं। इन खातों में अब सीधे लेनदेन भी नहीं किया जा सका।
इतना ही नहीं बैंकों को इन खातों से नुकसान हो रहा है। उन्हें ऑडिट से लेकर हर कार्य में इनकी देखरेख करनी पड़ती है, वहीं, आमदनी भी शून्य है। इसके अलावा कई खाते ऐसे भी हैं, जिनमें कुछ रुपये तो हैं, लेकिन उनका संचालन नहीं हो रहा है। इन खातों में भी अब रोक लगा दी गई है। अगर खाताधारक रुपये निकालना चाहें तो वह नहीं निकाल सकता है। इसके लिए उन्हें नो योर कस्टमर (केवाईसी) करानी होगी।