मैनपुरी। महानगरों की तर्ज पर नगर के लोग भी सीवर लाइन की सुविधा चाहते हैं। जिले में 110 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन का निर्माण तो हो गया, लेकिन निर्माण के छह वर्ष बाद भी शत प्रतिशत लोगों को कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। नगर पालिका क्षेत्र में 29 हजार घरों के सापेक्ष अभी तक मात्र 12 हजार घरों में ही सीवर का कनेक्शन दिया गया है।
वर्ष 2008-09 में शहर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट का कार्य शुरू हुआ। इसे वर्ष 2013 में पूरा कर लिया गया। निर्माण के छह साल बाद भी नगर के लोगों को सीवर से कनेक्शन नहीं दिया जा सका। नगर में कुल 29 हजार घर हैं जिसमें से 23 हजार आवासीय हैं वहीं छह हजार कॉमर्शियल भवन हैं। अभी तक मात्र 12 हजार घरों में ही सीवर का कनेक्शन दिया जा सका है।
लोग सीवर कनेक्शन के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। कुल मिलाकर आज भी नगर के 17 हजार घरों में सीवर का कनेक्शन नहीं दिया जा सका है। सीवर लाइन कनेक्शन देने में देरी कर्मचारियों की कमी से जो रही है। नगर पालिका ने कनेक्शन का ठेका जलनिगम को दे रखा है। जलनिगम कर्मचारियों की कमी के कारण मांग के अनुरूप कनेक्शन नहीं कर पा रहा है।