एटा। गर्मी का सितम बढ़ता ही जा रहा है। तेज धूप और लू ने लोगों को घर में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। उधर, अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। हीटस्ट्रोक, जुकाम, बुखार और डायरिया के मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
तेज गर्मी और लू की वजह से शनिवार को पारा 45 डिग्री के पार पहुंच गया। गर्मी के प्रचंड रूप से जनजीवन काफी हद तक प्रभावित रहा। दोपहर में तो आसमान से मानो अंगारे ही बरसे। दिन में जो भी व्यक्ति खुले आसमान तले सड़क पर निकला, उसके पसीने छूट गए। लू के थपेड़ों ने सड़क पर पैदल चलना मुश्किल कर दिया। सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। इसके साथ ही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं। व्यापारी दुकानों पर खाली बैठकर पंखा झलते नजर आए।
वायरल और डायरिया का बढ़ रहा कहर
तापमान, गर्म हवाओं के चलते बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि जिला अस्पताल में आंखों में एलर्जी के साथ उल्टी, दस्त, पेटदर्द, वायरल और डायरिया के मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन एस चंद्रा ने बताया कि गर्म हवाओं के कारण डायरिया, उल्टी, दस्त, पेटदर्द के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भीषण गर्मी में अक्सर छोटे बच्चे बीमारी की चपेट में आ जाते है। जिस तरह गर्मी बढ़ी है, बच्चे बीमारी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। गर्मी के इस मौसम में बच्चों को कमरे से बाहर न निकालें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहना चाहिए।
फूड प्वाइजनिंग से भी करें बचाव
गर्मी में पहले तो भूख लगती नहीं है, लेकिन डाक्टर लोगों को ज्यादा तला भुना खाने से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं। डाक्टर मनोज गुप्ता कहते हैं कि गर्मी में खाली पेट न रहें, लेकिन थोड़ा-थोड़ा करके खाएं। ज्यादा तला-भुना खाने से बचें। इनसे फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है।
व्यापारी मायूस, कारोबार ठप
गर्मी बढने से बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और व्यापारी मायूस हैं। बाजार में चहल पहल कम होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। कारोबार ठप होने से व्यापारियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। शाम के वक्त की बाजार में थोड़ी रौनक नजर आती है।
इन सबसे रहें दूर
- तले-भुने खाने से परहेज करें
- गर्म फल जैसे चेरी, आड़ू, अमरूद न खाएं
- धूम्रपान कम से कम करें।
- चाय से परहेज करें।
गर्मी से बचने के उपाय
धूप में निकलने से बचें और पानी पीकर निकलें
छाता लेकर या कैप लगा कर धूप में निकालें।
धूप से घर आने पर तुरंत ठंडा पानी न पिएं।
कूलर, एसी से तुरंत धूप में निकलने से बचें।
नींबू पानी या शिकंजी रोज पीने की आदत डालें।
बच्चों के लिए घर में ग्लूकोज, पुदीनहरा जरूर रखें।
कूलर की तेज हवा के ठीक सामने बैठने से बचें।
दिन में 3 से 4 बार आंख का साफ पानी से धोएं।
ब्रांडेड काला चश्मा पहन कर धूप में निकलें।
बाइक चलाएं तो हवा से बचने को हेलमेट पहने।
खुले और पूरी बांह और हल्के रंग के कपड़े पहनें।