धान खरीद केंद्र में उतरता धान।
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मैनपुरी। खरीफ की फसल के लिए खेल शुरू हो गया है। धान का बीज किसानों को दोगुने दामों पर मिल रहा है। बीज की आपूर्ति न होने की बात कहकर किसानों से अधिक दाम वसूल किए जा रहे हैं। ये खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है, लेकिन कृषि विभाग मौन है, न तो अब तक कोई कार्रवाई की गई है और न ही कोई आदेश जारी किया गया है।
धान की बुवाई का समय नजदीक आ गया है। ऐसे में किसान धान के बीज की खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन धान के बीज की कालाबाजारी का खेल अभी से चल निकला है। किसानों को निर्धारित कीमत से अधिक पर धान का बीज मिल रहा है। सबसे अधिक कालाबाजारी शक्ति सीड्स कंपनी की ताज नामक वैरायटी को रही है। इसकी कीमत तीन सौ रुपये प्रति किलो निर्धारित है, लेकिन अब किसानों को इसके लिए पांच सौ रुपये प्रति किलो के दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार इस धान के बीज की भरपूर आपूर्ति है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इसका स्टॉक कर लिया है। वे बीज की कम आपूर्ति की बात कहकर मोटी कमाई कर रहे हैं। केवल यही नहीं अन्य कई वैरायटी के बीजों की भी बाजार में कालाबाजारी की जा रही है। किसानों को मजबूरी में दोगुने दामों पर खरीद करनी पड़ रही है। कृषि विभाग को इसकी कानों-कान भनक तक नहीं है। अब तक कृषि विभाग द्वारा न तो दुकानों का निरीक्षण किया गया है और न ही धान के बीज के संबंध में कोई आदेश जारी किया गया है। जिससे दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं। अगर जल्द ही बीज की दुकानों पर हो रही लूट पर लगाम न लगी तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।