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पांच माह में 20 दिन ड्यूटी और वेतन लिया पूरा

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एटा। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिले में स्वास्थ्य विभाग अजब गजब खेल कर रहा है। यहां तैनात चिकित्सक उच्चाधिकारियों से मिलीभगत कर अनुपस्थित होकर भी पूरा वेतन ले रहे हैं। मंगलवार को ऐसा ही एक मामला प्रकाश में तब आया जब एक चिकित्सक को अस्पताल में पहली बार देखा गया। जानकारी करने पर पता चला कि यह तो महीने हफ्ते में एक बार ही आते हैं। इस पर जब उपस्थिति रजिस्टर देखा गया तो वहां एपसेंट के ए पर ओवर राइट करते हुए दस्तखत किए मिले। इस पर जब और जानकारी की गई तो विभाग के कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर सब बताना शुुरू कर दिया। पांच माह पहले अस्पताल में नियुक्त होने वाले फिजिशियन ने मात्र 20 दिन ही ओपीडी की और वेतन पूरा लिया है। पढ़ें अनिल यादव की रिपोर्ट...
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जनवरी 2019 में हुई तैनाती
एटा। जिला अस्पताल में जनवरी 2019 में फिजिशियन डा. अतुल सारस्वत की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के शुरुआती दिनों में ही गायब रहने का एक रिकॉर्ड डाक्टर ने बना लिया। चिकित्सक आगरा के किसी निजी अस्पताल में संबद्ध होने के चलते जिला अस्पताल में खानापूर्ति करने के लिए ही आते हैं। वह कभी सप्ताह में तो कभी 15 दिन में एक बार आते और पीछे की तिथियों के दस्तखत कर देते।
जिला अस्पताल में लगाई गई बायोमेट्रिक मशीन कुछ दिन में ही खराब हो गई। अब यह खुद खराब हुई या कर दी गई यह नहीं पता। लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों की इस प्रकार की कार्य प्रणाली मशीन के खराब होने पर सवाल खड़े करने लगी है।
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सुविधा शुल्क का जोर
चिकित्सकों के देर से आने और अनुपस्थित होकर भी पूरा वेतन लेने के मामले में एक बड़ी बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि हर प्रकार की सुविधा के लिए शुल्क देना पड़ता है।
मैं अभी दो माह पहले ही आया हूं। ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। इससे पहले तक क्या होता रहा है मुझे मालूम नहीं है। लेकिन मेरे कार्यकाल में भी चिकित्सक का आना कम हुआ है। मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। राजेश कुमार अग्रवाल, सीएमएस
अगर ऐसा है तो यह बहुत ही गलत है। इसकी ज्यादा जानकारी तो सीएमएस को हो सकती है। चिकित्सक उनकी देखरेख में ही काम कर रहे हैं। फिर भी मामले की जानकारी सीएमएस से करेंगे। अगर ऐसा पाया जाता है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। एके अग्रवाल, सीएमओ
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