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मंडलीय सत्यापन में फेल हो गए एटा के 595 गांव

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Open defecation free
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एटा। जिले में जोर-शोर से परवान चढ़े खुले में शौच मुक्त अभियान की हकीकत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जिले के 595 गांव ओडीएफ सत्यापन में फेल हो गए हैं। वहीं जिले में 45 हजार शौचालयों की पहली किश्त और 74 हजार शौचालयों की दूसरी किश्त नहीं भेजी गई है। इसके साथ ही एलओबी में आठ हजार शौचालयों की धनराशि भी ब्लॉक को नहीं मिली है। जिले में स्वच्छ भारत मिशन में हुए बड़े खेल को लेकर सीडीओ ने सख्ती जताते हुए डीपीआरओ को चेतावनी दी है।
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दरअसल, जिले में साल 2017 से स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ किए जाने का खूब शोर रहा। प्रशासन ने जल्दबाजी करते हुए जिले को 30 अक्तूबर 2010 को ओडीएफ कर दिया, लेकिन तमाम गांवों में शौचालय बने ही नहीं थे। गांवों में तीन महीने बाद मंडलीय टीम ने नामित नोडल अधिकारियों से सर्वे कराया, तो बड़ा खुलासा हुआ। जिले के 595 गांव मंडलीय सत्यापन में पीछे रह गए। इसके साथ ही सबसे पहले ओडीएफ होने वाले मारहरा ब्लॉक में भी 52 ग्राम पंचायतें मंडलीय सत्यापन में फेल हो गईं। इसे लेकर सीडीओ ने डीपीआरओ को चेतावनी देकर प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं।
एलओबी में छूटे शौचालय
ओडीएफ के बाद सरकार ने एलओबी (लेफ्ट आउट बेसलाइन) सुविधा शुरू की थी। जिसमें साल 2012 के सर्वे से छूटे लाभार्थियों को शामिल किया गया। जिले में चयनित किए गए 10361 लाभार्थियों में से अब तक महज 2468 लाभार्थियों को ही अनुदान मिल सका है। अलीगंज, जलेसर, सकीट, निधौलीकलां और शीतलपुर में प्रगति 20 फीसद से भी कम है।
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नहीं पहुंची धनराशि, शौचालय अधूरे
जिले में 72422 शौचालयों की दूसरी और 45170 शौचालयों की पहली किश्त नहीं पहुंची है। ऐसे में गांवों में शौचालयों का निर्माण अधूरा पड़ा है और गांव सत्यापन में फेल हैं।
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जियो टैग का भी बुरा हाल
जिले में महज 68.10 फीसदी शौचालयों की जियो टैगिंग हो सकी है। जिला प्रदेश के सबसे खराब 10 जिलों में है। अलीगंज में 24.32, निधौलीकलां में 64.97, सकीट में 63.67, जलेसर में 65 जियो टैग हुई है। इससे साफ है कि शौचालय बने ही नहीं हैं।
इन ग्राम पंचायतों में लंबित हैं शौचालय
जिले के मारहरा ब्लॉक के गांव मीरापुर में 274, महमूद नगरिया सात, सूरतपुर माफी 97, अखतौली 22, हजरतपुर करनपुर 73, धरपसी 27, मुन्नबरपुर 72, त्रिलोकपुर 403, खकरई 128, सराय जरोलिया 139, मेंहनीशोरा 209, मिरहची 248, सींय में 54 शौचालय बने ही नहीं हैं। इसे लेकर एडीओ मारहरा ने ग्राम विकास और पंचायत अधिकारियों को निर्देश देकर काम में प्रगति लाने को कहा है।
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कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचयतें हैं जिले में
853 राजस्व गांव हैं जिले में
595 गांव सत्यापन में हुए फेल
06 महीने बाद भी ओडीएफ नहीं जिलाह्य
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