कासगंज। जीपीएस डिवाइस में गड़बड़ी कर फर्जी रिपोर्टिंग करने वाले एंबुलेंस चालक और रोगी सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। मिशन निदेशक ने लापरवाह चालक और रोगी सहायक को लखनऊ तलब किया है। कार्रवाई से अन्य एंबुलेंस चालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंबुलेंस का निरीक्षण किया। बिड़ला अस्पताल के समीप खड़ी एंबुलेंस 102 लावारिस अवस्था में मिली। चालक रवींद्र कुमार और रोगी सहायक राधा मौके पर मौजूद नहीं थे। टीम के ही एक सदस्य ने 102 डायल कर एंबुलेंस मांगी। संबंधित एंबुलेंस के चालक को लखनऊ से निर्देश मिले कि मौके पर पहुंचे। बार-बार फर्जी रिपोर्टिंग की जा रही थी कि एंबुलेंस पहुंचने वाली है जबकि एंबुलेंस वहीं खड़ी थी। लोकेशन देखने पर पता चला कि एंबुलेंस न्यौली में दौड़ रही है। जीपीएस डिवाइस में बड़ी गड़बड़ी की गई। सीएमओ ने मिशन निदेशक को पत्र लिखा। मिशन निदेशक के निर्देश पर संबंधित कंपनी ने लापरवाह चालक और रोगी सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
मनमाने ढंग से रजिस्टर में नहीं होगी एंट्री
कासगंज। मरीज लेकर अस्पताल पहुंचने वाली एंबुलेंस का स्टाफ मनमानी नहीं कर सकेगा। मरीज की एंट्री अब रोगी सहायक नहीं बल्कि स्टाफ नर्स और चिकित्सक को करनी होगी। अब तक रोगी सहायक मनमाने ढंग से एंट्री करते थे। सीएमओ डा. प्रतिमा श्रीवास्तव ने बताया कि एंट्री करते वक्त मरीज का सत्यापन जरूरी है।
- चालक और रोगी सहायक मनमानी कर रहे थे। उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है। जीपीएस डिवाइस से छेड़छाड़ करना गंभीर मामला है। मुकेश सिंह, प्रभारी 102 एंबूलेंस।