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अग्निशमन यंत्र नहीं लगाया तो रद होगी कोचिंग की मान्यता

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अग्निशमन यंत्र नहीं लगाया तो रद होगी कोचिंग की मान्यता - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। सूरत के तक्षशिला कांपलेक्स में अग्निकांड से हुई छात्रों की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। डीएम के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी 19 कोचिंग केंद्र संचालकों को पत्र जारी कर अनिवार्य रूपव से अग्निशमन यंत्र लगाने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि कहीं लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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डीआईओएस आरएस राजपूत ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक केंद्र पर एक अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से लगाया जाए। स्थापित किए जाने वाले अग्निशमन यंत्र के देखरेख प्रतिवर्ष करानी होगी। यदि कोचिंग केंद्र ऐसे स्थापन पर है जहां रास्ता छोटा है यहां आवागमन की सुगम व्यवस्था नहीं है तो केंद्र को तत्काल बंद करें और अपना स्थान परिवर्तित कर लें। इस काम में कोई भी लापरवाही न की जाए। अग्निशमन यंत्र न पाए जाने की स्थिति में कोचिंग केंद्र की अनुमति रद्द कर दी कर संचालक के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। डीआईओएस आरएस राजपूत ने बताया कि सभी कोचिंग केंद्र संचालक अग्निशमन यंत्र लगाना सुनिश्चित करेंगे। शीघ्र ही टीम निरीक्षण के लिए निकलेगी।
नर्सिंग होम भी पूरी नहीं कर रहे मानक
कासगंज। जिले के कई नर्सिंग होम ऐसे हैं जो अग्निशमन यंत्रों के मानक पूरे नहीं कर रहे। कई नर्सिंग होम ऐसे हैं जहां वर्षों से अग्निशमन यंत्रों की रिफलिंग ही नहीं कराई गई। इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद रजनीश ने मुख्य चिकित्साधिकारी को भी पत्र लिख दिया है।
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दूसरे शहरों में विद्यार्थी, अभिभावक चिंतित
कासगंज। शहर के तमाम विद्यार्थी कोटा राजस्थान, नोएडा, मथुरा, बरेली सहित अन्य शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं। सूरत की घटना के बाद इन विद्यार्थियों के अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। अभिभावकों ने अपने अपने बच्चों को फोन कर सतर्कता बरतने को भी कहा है।
एक नजर आंकड़े पर
- 500 वर्गफुट एरिया में एक अग्निशमन यंत्र अनिवार्य।
- एक वर्ष में एक बार यंत्रों की रिफलिंग जरूरी।


सूरत हादसे के बाद जिले कोचिंग संस्थानों पर कसा शिकंजा
एटा। कोचिंग संस्थाओं को अग्निशमन विभाग की अनापत्ति के साथ कोचिंग स्थल की वीडियोग्राफी भी देनी होगी। पंजीकरण एवं नवीनीकरण के लिए कोचिंग स्थल का नक्शा जरूरी कर दिया गया है।
सूरत हादसे के बाद चेते शिक्षा विभाग ने कोचिंग संस्थानों के लिए उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अध्यादेश जारी कर दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक केएस वर्मा ने नए निर्देशों का आदेश जारी कर कोचिंग संस्थाओं से पंजीकरण, अग्निशमन प्रमाणपत्र, नक्शा एवं संस्थान परिसर की वीडियोग्राफी एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अनुपालन न करने वाली संस्थाओं को अनाधिकृत मानते हुए इनके विरुद्ध कोचिंग अध्यादेश के तहत जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। शासन के निर्देश पर शीघ्र ही जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, अग्निशमन विभाग द्वारा कोचिंग मानकों को लेकर छापामार कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकृत 115, संचालित सैकड़ों कोचिंग
शासन के निर्देश के बाद भी जिले में सैकड़ों अपंजीकृत कोचिंग संचालित हो रहे हैं। जिले में मात्र 115 कोचिंग पंजीकृत हैं जबकि शहर में ही सैकड़ों कोचिंग हैं। असुरक्षित सकरी गलियों, कमरों एवं छतों पर लगने वाली कक्षाएं कभी भी जानलेवा बन सकती हैं। सुरक्षा मानक तो दूर अनहोनी की स्थिति में यहां फायरब्रिगेड या पुलिस की गाड़ी पहुंचना भी संभव नहीं है।
जिले में अमान्य एवं मानक विहीन कोचिंग का संचालन नहीं होगा। पंजीकरण, अग्निशमन प्रमाणपत्र, वीडियोग्राफी प्रस्तुत न करने वालों के विरुद्ध जुर्माना एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में 115 कोचिंग पंजीकृत हैं।
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केएस वर्मा, डीआईओएस
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