किशनी (मैनपुरी)। ग्राम प्रधान द्वारा की गई गड़बड़ी की सजा पूरी ग्राम पंचायत भुगत रही है। डेढ़ साल से ग्राम निधि खातों पर रोक लगे होने से विकास का पहिया थमा हुआ है। कई बार जांच के बाद भी अब तक खातों से रोक नहीं हटाई जा सकी है। इसे लेकर अब ग्रामीणों में रोष बढने लगा है।
विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत ऊंचा इस्लामाबाद में पूर्व प्रधान राजेश तिवारी ने जिलाधिकारी से शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत की थी। जिस पर जिलाधिकारी ने 17 अक्तूबर 2017 को ग्राम निधि खातों पर रोक लगाते हुए जांच के आदेश दिए थे।
जांच हुई तो पता चला कि ग्राम प्रधान कमलेश जाटव और सचिव पुष्पेंद्र सिंह राठौर द्वारा कराए गए विकास कार्य व शौचालय निर्माण में अनियमितता की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीओ पंचायत ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
तब से अब तक ग्राम निधि खातों पर रोक लगी हुई है। इससे ग्राम पंचायत में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इससे ग्रामीण परेशान हैं। दूसरी ओर गांव में कार्य का जो रुपया बकाया है, उसके भुगतान के लिए भी लोग परेशान हैं।
रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से समस्या के निराकरण की मांग की है। मांग करने वालों में बृजेश कुमार, इंसार अली, रघुवीर सिंह, महावीर सिंह, हरेन्द्र सिंह, एहसान अली, करन सिंह, विनोद कुमार, राजेन्द्र सिंह, सुनील कुमार, दिलशाद अली, प्रेम अली, हवलदार, प्रेमचंद, धर्मेन्द्र सिंह, मोतीलाल, सुघर सिंह, अमित कुमार, सर्वेश शाक्य आदि शामिल हैं।
एक मई को जारी हुआ है नोटिस
जिला पंचायत राज अधिकारी ने एक मई को ग्राम प्रधान को नोटिस जारी किया है। इसमें 15 दिन के अंदर विकास कार्यों के नाम पर गोलमाल की गई धनराशि को जमा कराने के लिए कहा गया है। अगर ऐसा न किया गया तो ग्राम पंचायत में समिति गठित कर दी जाएगी।
पांच गांव के विकास कार्य हैं ठप
ग्राम पंचायत ऊंचा इस्लामाबाद में कुल पांच गांव शामिल हैं। ऐसे में ऊंचा इस्लामाबाद के साथ ही गांव कुंदनपुर, नगला केवल, नगला धाकरे, नगला कन्हई में भी विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
अनियमितताओं के चलते ग्राम पंचायत के खातों में पर रोक लगाई गई थी। नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वामीदीन, डीपीआरओ