फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरक रहा है नारखी पुल

विज्ञापन
विज्ञापन
नारखी। नारखी से बछगांव मार्ग स्थित श्रमदान से बने पुल में दरार पड़ने लगी है। ये दरारें भी गड्ढे जैसी बड़ी हो गई हैं। जबकि इस पुल से बड़ी आबादी गुजरती है। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन


वर्ष 1955 में नारखी और उसके आस-पास के क्षेत्रों के लोगों ने नारखी-बछगांव मार्ग पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाजसेवी पन्नालाल जैन सरल की अगुवाई में सिरसा नदी पर श्रमदान कर इस पुल को बनाया था। पुल निर्माण से पूर्व नारखी और आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों को बछगांव तक पहुंचने के लिए सिरसा नदी को पार करना होता था। तभी इसे बनाने की जरूरत पड़ी।

श्रमदान से बनाया गया यह पुल की उपयोगिता का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि जसराना, फरिहा की ओर से बछगांव-टूंडला तक आने वाले लोगों के लिए यह एक मात्र रास्ता है। लेकिन उचित देखरेख के अभाव में पुल धराशायी हो रहा है।
विज्ञापन


इस पुल से होकर हर रोज सैंकड़ों छोटे-बडे़ वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। अगर कोई बड़ा या भारी वाहन गुजर जाए तो पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है जिससे बड़ी जनहानि होगी। सालों पुराने पुल में कई स्थानों पर दरार पड़ गई हैं।
विज्ञापन

राजेश प्रताप सिंह, प्रधान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें