एटा। जिले के परिवहन निगम के अधिकारी डग्गामार वाहनों और उनके संचालकों से परेशान हैं। एआरएम के आदेश पर रोडवेज के वरिष्ठ लिपिक की ओर 23 ऐसे डग्गमार वाहनों के संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जो अपने वाहनों को रोडवेज के रंग में रंगे हुए हैं।
रोडवेज बस स्टेशन के पास डग्गामार बसों का जमावाड़ा लगा रहता है। इन डग्गामार बसों की खासियत यह है कि इन्हें देखकर पहचाना नहीं जा सकता कि यह डग्गामार हैं या रोडवेज की बसें। बसों पर बाकायदा ताज एक्सप्रेस, उप्र परिवहन आदि स्लोगन भी लिखे हुए है। इसके चलते सवारियां उन्हें रोडवेज बस समझ कर बैठ जाती हैं और टिकट मिलने के बाद खुद को ठगा सा महसूस करती हैं। इसके चलते रोडवेज को प्रतिदिन चार लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। इस आशय का एक पत्र पहले भी उच्चाधिकारियों को लिखा गया था। वहीं एआरएम की ओर से एआरटीओ और एसएसपी से भी डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी। लगातार मांग के बाद कोई कार्रवाई न होते देख एआरएम मदनलाल ने रोडवेज के वरिष्ठ लिपिक व बस स्टेशन प्रभारी राजकुमार सिंह यादव को उन बसों को चिह्नित करने जो रोडवेज के रंग में रंगी है का आदेश कर उन पर एफआईआर कराने के आदेश दिए। इस पर बस स्टेशन प्रभारी की ओर से कोतवाली प्रभारी को बसों के नंबरों के साथ तहरीर दी गई। इसके आधार पर रोडवेज के रंग में रंगी 23 डग्गमार बसों के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
डग्गामार बसों के संचालकों से कई बार कहने के बाद भी वह मानने को तैयार नहीं थे। इसके चलते एसएसपी से मुलाकात भी की थी। अब इन रोडवेज के रंग में रंगी 23 डग्गामार बसों को चिह्नित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मदनलाल, एआरएम, एटा