मैनपुरी। ग्राम पंचायतों में प्रधान और सचिव की मनमानी के तो मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। लेकन इस बार ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने मिलकर करोड़ों की अनियमितता कर डाली। मामला विभाग के संज्ञान में आया तो आनन-फानन में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ग्राम पंचायतों में किसी भी विकास कार्य को कराने से पूर्व उसे कार्ययोजना में शामिल किया जाता है। कार्ययोजना ग्राम सभा की खुली बैठक में तैयार की जाती है।
इसमें प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को शामिल किया जाता है। लेकिन वित्तीय वर्ष 2018-19 में 45 ग्राम पंचायतों में कार्य योजना के अतिरिक्त भी करोड़ों के कार्य करा डाले। ये कार्य हुए भी या नहीं, इसकी भी कोई जानकारी नहीं। बिना कार्ययोजना के ग्राम पंचायत निधि खर्च करना अनियमितता है। ऐसे में पंचायत राज विभाग ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया है। विभाग अब अन्य ग्राम पंचायतों का भी लेखा-जोखा खंगाल रहा है।
अक्सर ग्राम पंचायतों में कराने विकास कार्यों में अक्सर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव मनमानी करते हैं। नियमों को ताक पर रखकर वे अपने चहेतों को ही विकास कार्यों से लाभान्वित करने का प्रयास करते हैं। कई बार शिकायत भी होती है, लेकिन मामला रफादफा हो जाता है। इस पर इस पर सख्ती बरती जा रही है।