मैनपुरी। केंद्र और प्रदेश की सरकार ऊर्जा संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इसके लिए सौर ऊर्जा को विकल्प के रूप में शुरू किया गया है। इसके लिए यूपी नेडा विभाग भी बनाया गया। लेकिन सरकारी दफ्तरों में ही सोलर प्लांट बंद पड़े हुए हैं। इनकी किसी को परवाह नहीं है।
ये अव्यस्था के कुछ नमूने मात्र हैं। अन्य कई सरकारी विभागों में भी लगाए गए सोलर प्लांट बंद पड़े हुए हैं। जब सरकारी महकमे ही ऊर्जा संरक्षण की मुहिम को ब्रेक लगा रहे हैं तो वे आम लोगों को इसके लिए जागरूक कैसे करेंगे। नगर पालिका ने इस उद्देश्य के साथ सोलर प्लांट स्थापित कराए थे कि बिजली जाने के बाद भी नगर की गलियों में उजाला रहेगा।
लेकिन कुछ ही समय में फिर से उन गलियों में अंधेरा रहने लगा। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में लगे सोलर प्लांट को सही कराने के लिए नेडा को पत्र भी लिखा गया, लेकिन इस पर नेडा ने ही कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे लाखों के खर्च के बाद भी ये प्लांट बंद पड़ा है। बिजली जाने पर जेनरेटर ही एकमात्र सहारा है।
नगर पालिका के कर्मचारियों का कहना है कि बिजली की लाइनें अंडरग्राउंड होने के दौरान सोलर प्लांट के तार टूट गए तो वहीं लोगों ने कटिया डालना भी शुरू कर दिया। इससे सोलर प्लांट खराब हुए, लेकिन ये कौन बताएगा कि बिजली चोरी रोकने व देखरेख की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी।
वाटर वर्क्स, करहल चौराहा।
शहर के करहल चौराहे पर बने वाटर वर्क्स में नगर पालिका ने दस किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया था। ये प्लांट आसपास के मुहल्लों में प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाया गया था। लेकिन अब ये प्लांट बंद पड़ा है। हाल ये है कि सोलर प्लेट पर पेड़ उग आए हैं।
दरीबा मोहल्ला
शहर के दरीबार मोहल्ला में भी 1.03 करोड़ की लागत से सोलर प्लांट लगवाया गया था। तीन साल पहले लगा ये सोलर प्लांट पिछले छह महीनों से खराब पड़ा हुआ है। बिजली जाने के बाद गलियों में अंधेरा पड़ा रहता है। देखरेख के अभाव में ये सोलर प्लांट भी बंद पड़ा है।
विकास भवन
मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में बिजली जाने पर कोई काम प्रभावित न हो, इसके लिए नेडा ने दो किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया था। पिछले एक साल से भी अधिक समय से ये बंद पड़ा है। परिसर में ही कार्यालय होने के बाद भी नेडा को इसकी कोई परवाह नहीं है।
विकास भवन में लगे सोलर प्लांट को सही कराने के लिए पीओ नेडा को लिखा गया है। नगर पालिका के सोलर प्लांट क्यों बंद हैं, इस बारे में भी जानकारी की जाएगी।
कपिल सिंह, सीडीओ, मैनपुरी।