जिले में अधिकांश तालाब सूखने लगे हैं।
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मैनपुरी। गर्मी बढ़ते ही जिले में अधिकांश तालाब सूखने लगे हैं। देहात में पशु पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए तालाब ही एकमात्र सहारा होते हैं। तालाब सूखने से पशु पक्षी प्यास से परेशान हो रहे हैं। सूखे तालाबों को भरने के लिए अबग मनरेगा को जिम्म्ेदारी दी गई है। मनरेगा के माध्यम से सूखे तालाब भरकर गर्मी में पानी की समस्या दूर की जाएगी।
गर्मी में पानी की समस्या से निजात पाने के लिए कई विभागों द्वारा काम शुरू कराया जाता है। जबकि हकीकत यह है गर्मी शुरू होते ही अधिकतर तालाब सूखने लगते हैं। नहरों और नदियों में भी पानी कम हो जाता है। पानी की कमी से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जानवरों की प्यास बुझाने के लिए देहात में तालाब ही एकमात्र सहारा होते हैं। तालाब सूखने से पशु-पक्षी प्यास से व्याकुल हो रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए सूखे तालाबों को मनरेगा से भरने का निर्णय लिया गया है। भीषण गर्मी में जानवरों को पीने के पानी की समस्या का सामना न करना पड़े इसे देखते हुए मनरेगा से ही सूखे तालाब भरे जाएंगे। तालाब भरने केे लिए प्रधान को जिम्मेदार बनाया गया है। प्रधान अब मनरेगा से सूखे तालाब भरवाकर जानवरों के लिए बन रही पानी की विकराल समस्या से निजात दिलाने में अपनी भूमिका अदा करेंगे।
गर्मी में सूख गए 532 तालाब
मैनपुरी। जिले में छोटे बड़े 1147 तालाब हैं। जिनमें से 532 तालाब पूरी तरह सूख गए हैं। कई तालाबों में पानी नहीं के बराबर है। शासन की योजना के तहत दो सैकड़ा से अधिक तालाबों का सौंदर्यीकरण मनरेगा से कराया जा चुका है। तालाबों की सही तरीके से देखरेख नहीं होने से गर्मी में तालाब सूखते जा रहे हैं।
तालाब सूखने से जानवरों के लिए पीने के पानी की समस्या होती है। जिसे देखते हुए गर्मी में सूखते जा रहे तालाब भरवाए जाएंगे। इस संबंध में सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
बी राम, एडीएम