मैनपुरी। मतदाताओं के दिलों में मिठास घोलने की कोशिश में राजीव गांधी कामयाब नहीं हो पाए। चीनी मिल की घोषणा पर बोफोर्स तोप घोटाले की आंधी भारी पड़ी। 1989 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना देखना पड़ा था। 1989 के लोकसभा चुनाव में सांसद बलराम सिंह यादव का टिकट काटकर कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष केसी यादव को प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष बलराम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे केसी यादव को जिताने के लिए कांग्रेस ने जमकर कवायद की थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने घिरोर क्षेत्र में केसी यादव के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया था। राजीव गांधी ने चुनावी सभा में घोषणा की थी, अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी तो मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में चीनी मिल लगवाई जाएगी। इससे गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ होगा।
जिले में 80 और 90 के दशक में गन्ने की अच्छी पैदावार होती थी। राजीव गांधी की सभा में भीड़ भी उमड़ी, लोगों ने उनकी घोषणा को जिले के विकास के लिए जरूरी भी माना, लेकिन मतदान के दिन लोग कांग्रेस प्रत्याशी से किनारा कर गए।
जद प्रत्याशी को मिली थी जीत
मतदाताओं ने जनता दल के प्रत्याशी उदय प्रताप सिंह यादव को जिता दिया। जानकार बताते हैं कि 1989 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से नाता तोड़कर पूर्व मुख्यमंत्री वीपी सिंह जनता दल को साथ लेकर चुनाव मैदान में आए थे। वह हर चुनावी सभा में केंद्र में गैर कांग्रेसी सरकार बनने पर बोफोर्स तोप घोटाले के कथित आरोपियों को जेल भिजवाने का लोगों को भरोसा दे रहे थे।
वीपी सिंह की सभा में उमड़ी भीड़
जनता दल प्रत्याशी उदय प्रताप सिंह यादव के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री वीपी सिंह ने क्रिश्चियन मैदान में सभा की थी। मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में हुई चुनावी सभा में लोगों की भीड़ उमड़ी थी। चुनावी सभा में वीपी सिंह ने कहा था कांग्रेस को हराकर गैर कांग्रेसी सरकार बनवा दो तो बोफोर्स के दलालों को हम जेल भिजवा देंगे।