मैनपुरी। खेलों के नाम पर जिले के खिलाड़ी छले जा रहे हैं। जिले में वैसे तो अन्य खेलों के कोच वर्ष भर ही नहीं मिलते हैं, लेकिन जिन तीन खेलों के कोच जिले के लिए मिलते हैं। उनमें से वॉलीबाल और एथलेटिक्स के कोच पिछले दो महीने से नहीं हैं। उनकी संविदा समाप्त की जा चुकी है।
जिले में वॉलीबाल, क्रिकेट और एथलेटिक्स के ही कोच उपलब्ध थे। जनवरी में इनकी भी संविदा समाप्त कर दी गई। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में वॉलीबाल के लिए हॉस्टल की व्यवस्था है। इसमें वर्तमान में 15 खिलाड़ी मौजूद हैं। इन खिलाड़ियों के लिए कोई कोच नहीं है। ऐसे में बिना कोच के ही ये खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं।
बिना कोच के किस प्रकार से बेहतर खेल खेला जा सकता है यह सभी जानते हैं। बिना गुरु के कभी कोई खिलाड़ी बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर सकता। वॉलीबाल के साथ ही पंडित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में एथलेटिक्स कोच भी वर्तमान में नहीं हैं। दो महीने पहले उनकी भी संविदा समाप्त हो चुकी है।
एसोसिएशन ने मदद के लिए लिखा था पत्र
वॉलीबाल एसोसिएशन ने जिलाधिकारी और जिला क्रीड़ाधिकारी को एक पत्र जारी कर जिला योजना से वॉलीबाल व एथलेटिक्स कोच की व्यवस्था कराने की मांग की थी। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। एसोसिएशन के सचिव राघवेंद्र दुबे का कहना था कि स्टेडियम में खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।