एटा। जिले में हो रहे लोकसभा चुनाव में मतदान से पहले ही प्रत्याशियों ने जमकर पैसा खर्च किया है। लोकसभा क्षेत्र में गठबंधन के प्रत्याशी देवेंद्र सिंह यादव 46 लाख रुपये खर्च करके पहले स्थान पर हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी ने भी लाखों रुपये प्रचार और अन्य निर्वाचन कार्यों में व्यय किए हैं। जबकि प्रसपा प्रत्याशी रश्मि यादव महज ढाई लाख रुपये ही खर्च कर पाई हैं।
चुनाव आयोग ने इस बार प्रत्याशियों के लिए अधिकतम 70 लाख रुपये खर्च करने की सीमा तय की है। प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने के लिए व्यय पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। 20 अप्रैल तक सभी प्रत्याशियों के व्यय रजिस्टरों की तीन बार जांच हो चुकी है। आंकड़ों पर गौर करें तो सपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह यादव और भाजपा के राजवीर सिंह को छोड़कर कोई भी प्रत्याशी तय सीमा का आधा भी खर्च नहीं कर पाया है। देवेंद्र यादव ने सबसे अधिक 46.20 लाख रुपये खर्च किए हैं। देवेंद्र के बाद खर्च में दूसरे नंबर पर भाजपा प्रत्याशी राजवीर सिंह राजू हैं। इन्होंने अब तक 39.65 लाख रुपये खर्च किए हैं।
जन अधिकार पार्टी और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सूरज सिंह शाक्य भी लाखों में खेल रहे हैं। सूरज सिंह शाक्य अब तक 9,83,108 रुपये खर्च कर चुके हैं। जबकि प्रसपा प्रत्याशी डा. रश्मि यादव भी खर्च के मामले में पीछे नहीं हैं। रश्मि 20 अप्रैल तक 3,89,643 रुपये खर्च कर चुकी हैं। वहीं राष्ट्रीय बैकवर्ड पार्टी के आनंद प्रकाश सिंह राजपूत ने 2,51,742 रुपये खर्च किए हैं। सुभाष पार्टी के अनुज कुमार ने 1,42,270 रुपये, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अतर सिंह ने 1,87,949 रुपये, राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के भरत सिंह 2,78,439 रुपये, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के नरेश चंद्र 1,55,584 रुपये खर्च चुके हैं।
निर्दलीय भी नहीं हैं पीछे
एटा लोकसभा क्षेत्र में खर्च करने में निर्दलीय भी पीछे नहीं हैं। निर्दलीय अशोक कुमार 243892 रुपये, हरिओम 304272 रुपये, पार्वतीनंदन 109390 रुपये, सतेंद्र पंडा 252484 रुपये खर्च कर चुके हैं।
देवेंद्र ने दौड़ाईं 99 गाड़ियां
चुनाव आयोग ने हर प्रत्याशी के लिए वाहनों की सीमा तय की है। खर्च पर गौर करें तो सपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह यादव ने 99 गाडिय़ां तक प्रचार में दौड़ाई हैं। जबकि भाजपा प्रत्याशी राजवीर ने 11, सूरज सिंह शाक्य ने 22 और रश्मि यादव ने 10 गाड़ियों से चुनाव प्रचार किया है।