मथुरा। मौत को मात देकर 100 फीट गड्ढे से सकुशल निकलने वाला मासूम प्रवीन बेहद डरा हुआ है। वह बार बार रोने लगता है। फिलहाल वृंदावन के सौ शैय्या में भर्ती प्रवीन की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। डाक्टर सोमवार तक हालत में सुधार के बाद छुट्टी देने की बात कह रहे हैं।
शेरगढ़ के गांव अगरयाला में 100 फीट गड्ढे में गिरे दयाराम के पांच साल के बेटे प्रवीन को नौ घंटे बाद एनडीआरएफ और सेना के जवानों ने सकुशल निकाल लिया। ऑपरेशन पूरा होने के बाद आनन-फानन में उसे सौ शैय्या हास्पिटल में भर्ती कराया गया। सुबह तक प्रवीन हंसकर बोल रहा था, पर दोपहर होते ही गुमसुम हो गया।
हास्पिटल में बिस्तर पर अपनी मां की गोद में प्रवीन काफी डरा सा लग रहा है। ताऊ तोताराम ने बताया कि अचानक ही प्रवीन गुमसुम हो गया है, जबकि बोलने में आगे रहना वाले ही हालत देखकर हर कोई चिंतित नजर आ रहा है। ताऊ बताते हैं कि डाक्टरों ने हालत में सुधार के साथ ही सोमवार को छुट्टी होने की बात कही।
रात तक रहे प्रशासनिक अफसर रविवार को नहीं झांके
मथुरा। ताऊ तोताराम ने बताया कि रात तक तो प्रशासनिक अफसर ही इलाज करा रहे थे, पर रविवार को वह अपने खर्चे पर इलाज करा रहे हैं। केवल राततक जरूर अफसर रहे, पर रविवार की शाम तक कोई नहीं आया। ताऊ कहते ही हैं कि खर्चे की चिंता नहीं, बस हमारा बच्चा सही होकर घर पहुंच जाए।
एसएसपी प्रशस्ति पत्र देकर करेंगे सम्मानित
मथुरा। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने प्रवीन के सकुशल बोरवेल से निकाले जाने पर एनडीआरएफ, सेना के जवानों और पुलिस को बधाई दी। नौ घंटे के अंदर ऑपरेशन खतम कर मासूम प्रवीन को बचाने वालों को प्रशस्ति पत्र देने की बात कही।