फिरोजाबाद। नगर निगम में लंबे समय से चल रहे डीजल के खेल की अब पूरी कुंडली खंगाली जाएगी। डीजल की खपत कैसे बढ़ी, किसके आदेश पर बढ़ी। आखिर हर रोज 1000 से 1200 लीटर डीजल अब तक कहां खर्च हो रहा था।
डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजल की खपत की हकीकत जानने को जांच कमेटी बिठा दी है। नगर निगम में सालों से डीजल का खेल चल रहा है। वाहनों में खपत दिखाकर डीजल के नाम पर लाखों के बारे न्यारे किए जा रहे हैं।
नगर निगम का चुनाव होने के बाद भी डीजल का खेल बंद नहीं हुआ। जबकि नगर निगम में पीसीएस के रूप में नगर आयुक्त की तैनाती भी हुई, फिर भी डीजल का खेल बदस्तूर जारी रहा। नगर आयुक्त के स्थानांतरण के बाद डीएम नेहा शर्मा को अतिरिक्त प्रभार मिलते ही डीजल में होने वाले खेल पर शिकंजा कसना शुरू हो गया।
डीएम ने 21 लाख के बिल के सापेक्ष पूरे माह की डीजल की खपत का ब्यौरा तलब कर लिया, जिससे तैयार करने में अधिकारी, कर्मचारियों के हलक सूख गए। डीजल का ब्यौरा तलब करने से नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद शुक्रवार को पहली बार डीएम नेहा शर्मा नगर निगम पहुंची तो डीजल की खपत की हकीकत जानने को संबंधित अधिकारी, कर्मचारी तलब किए, लेकिन अधिकारी सही जवाब तक नहीं दे सके।
डीएम नेहा शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि नगर निगम में हर रोज 1000 लीटर की खपत कैसे हो रही है। जबकि अभी गर्मी का सीजन भी नहीं है। आधे शहर में गंगाजल की आपूर्ति हो रही है, फिर भी जलकल विभाग में काफी डीजल खर्च हो रहा है।
पूरे मामले की जांच के लिए विस्तृत ऑडिट कराया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इतना डीजल कहां खर्च हो रहा है। हमारा प्रयास होगा कि डीजल की खपत को कम किया जाएगा। जहां वास्तव में जरूरत होगी, उसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।