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कहां है नगर की सरकार, सफाई व्यवस्था ध्वस्त, पेयजल पर भी संकट

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फिरोजाबाद। नगर निगम खस्ताहाल स्थिति में है। सफाई से लेकर पेयजल व्यवस्था ध्वस्त है। भुगतान न होने के कारण काम करने वाली फर्मों ने हाथ खडे़ कर दिए हैं। डीजल न आने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पहले से चौपट है। अब सफाई के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था पर भी संकट दिख रहा है। शहर में आठ दिनों से आधा सैकड़ा से अधिक नलकूप व सबमर्सिबल खराब पड़े हैं।

महापौर, पार्षदों व अफसरों के बीच साल भर से चल रहे गतिरोध के कारण शहर की जनता समस्याओं के भंवरजाल में फंसती जा रही है। सत्ता के दबाव में अफसरों ने जहां निगम से दूरी बना ली है, वहीं करोड़ों रुपये का भुगतान न होने के कारण शहर की सफाई और पेयजल व्यवस्था बिगड़ती जा रही है।
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पेट्रोल पंप स्वामी का 60 लाख से अधिक बकाया भुगतान न होने के कारण दिवाली के त्योहार से अब तक डीजल का संकट बना हुआ है। डीजल न आने के कारण सफाई वाहन दिन भर वर्कशॉप में खड़े हैं, तो शहर के मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्ले गंदगी से अटे रहते हैं।

अब सफाई व्यवस्था के साथ पेयजल पर भी संकट खड़ा हो गया है। शहर में स्थापित नलकूप और सबमर्सिबल ठीक करने के लिए तीन फर्मों कार्य करती हैं। इन तीनों फर्मों का नगर निगम पर करीब एक करोड़ से अधिक बकाया है।

फर्म के प्रतिनिधि अफसरों से बकाया भुगतान के लिए गुहार लगाते थक चुके हैं, ऐसे में उन्होंने खराब नलकूप व सबमर्सिबल ठीक करने से भी हाथ खड़े कर दिए हैं।


आंबेडकर पार्क, मायापुरी पुराना नलकूप, मायापुरी टंकी के नीचे, पंडित दीनदयाल पार्क, छारबाग नंबर तीन, छोटेलाल स्कूल, सुहाग नगर पुलिस चौकी, ग्रीन पार्क टंकी हिमायूंपुर, पेमेश्वर गेट, यादव नगंर, बघेल बगीची, सांती रोड गेल इंडिया, छारबाग नंबर एक, आसफाबाद बिजलीघर के निकट, नगला पानसहाय, किशन नगर, हबीब गंज तलैया, तहसील कंपाउंड, फुलवाड़ी संतनगर, नाला मोहल्ला, कोटला पजाबा, काजी चौक, चिश्ती नगर, लेबर कालोनी सीडब्लूआर सहित कुल 25 नलकूप खराब हैं। तिलक नगर, ओझा नगर, कोटला रोड, इंद्रा नगर, बोधाश्रम, महावीर नगर, नई बस्ती सहित कई मोहल्लों में 25-30 सबमर्सिबल खराब पड़े हैं।


शहर में जहां पेयजल, सफाई व प्रकाश व्यवस्था से संबंधित समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर नगर निगम में नगर आयुक्त, चीफ इंजीनियर, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, जलकल महाप्रबंधक, एक्सईएन जलकल, लेखाधिकारी की कुर्सी लंबे समय से खाली चल रही हैं।

ऐसी स्थिति में नगर निगम के कार्यालय खुलने के बाद भी दिन भर सन्नाटा रहता है। शहर में सफाई, पेयजल जैसी समस्याएं लेकर जाने वाले फरियादियों की कोई सुनने वाला नहीं है।

छारबाग निवासी राजीव का कहना है कि यहां एक सप्ताह से नलकूप खराब पड़ा है। नगर निगम में कई बार शिकायत कर चुके हैं। नलकूप ठीक न होने के कारण दूसरे मोहल्लों से पानी भर कर लाना पड़ता है।
फुलवाड़ी निवासी किशन का कहना है कि क्षेत्र में लगा नलकूप आठ दिनों से खराब है। आसपास कोई पानी का इंतजार नहीं है। ऐसी स्थिति में मोल खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है।

किराना व्यापारी आलोक मित्तल का कहना है कि तहसील कंपाउंड में लगा नलकूप खराब होने के कारण पानी की गंभीर समस्या है। शिकायत करने के बाद भी नगर निगम के अधिकारी नहीं सुन रहे।
तहसील कंपाउंड निवासी राकेश कुमार पूरे क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट है। घंटाघर से अग्रवाल धर्मशाला तक पाइप लाइन पड़ गई है, परंतु अभी तक गंगाजल की आपूर्ति शुरू नहीं हुई।
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पी.के. सिंह, सहायक अभियंता ने कहा कि शहर में सफाई व पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए नियमित रूप से भुगतान किया जाता था लेकिन पिछले माह से जिम्मेदार अफसर न होने के कारण पेट्रोल पंप स्वामी व नलकूप ठीक करने वाली फर्मों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इसी कारण वह कार्य करने को तैयार नहीं है। शहर की सफाई व पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कराने को लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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