कासगंज। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम कृपा शंकर शर्मा ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 46 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
अमापुर के एक गांव की किशोरी को आठ मई 2015 को गांव का सोपाली अपने बड़े भाई विक्रम के साथ अगवा करके ले गया। इसके बाद दुष्कर्म कर किशोरी को शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपी किशोरी को गांव के बाहर छोड़ गए। किशोरी ने अपने साथ वारदात की जानकारी परिजनों को दी। मामले में किशोरी के पिता ने 9 मई 2015 को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद पत्रावली कोर्ट में दाखिल कर दी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता के साथ जिरह की। कोर्ट ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य, गवाहों के बयान आदि के आधार पर सोफाली को दोषी माना। कोर्ट ने दोषी को सात साल की सजा और 30 हजार का जुर्माना, धारा 368 केे तहत पांच वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 383 के तहत तीन साल की सजा और 5 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 506 के तहत दो वर्ष की सजा और एक हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।