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नोटबंदी: कसक बरकरार, जूझ रहा व्यापार

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रामपुर में शनिवार को एसबीआई की मुख्य शाखा में रात में बच्चों के साथ लाइन में लगी महिलाएं। अमर उजाला
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एटा। साल 2016, तारीख आठ नवंबर, समय रात आठ बजे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश में 500 और एक हजार के नोटों को चलन से बाहर करने की बात कही, तो पूरे देश में भूचाल आ गया। जिले में आज भी नोटबंदी की कसक कम नहीं हुई है। लोग कैशलेस लेनदेन की ओर जरूर बढ़े हैं, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो सकी हैं। आलम यह है कि जिले में महज 20 फीसदी लोगों ने कैशलेस लेनदेन को अपनाया है। मगर 80 फीसदी लोग आज भी नकदी पर ही अपना जीवन गुजार रहे हैं। नोटबंदी को दो साल हो चुके हैं, लेकिन मुसीबतें आज भी उतनी ही हैं। पढ़िए रिपोर्ट...
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रास नहीं आया कैशलेस लेन-देन
नोटबंदी के बाद सरकार ने कैशलेस लेनदेन पर जोर दिया। शुरू में तो जिले के लोगों ने भी इसे खुले दिल से अपनाया, लेकिन वक्त बीतने के बाद सुविधा लोगों के लिए परेशानी बनती रही। ग्रामीण परिवेश में कैशलेस प्रणाली कारगर साबित नहीं हुई।
व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें
नोटबंदी के दौरान व्यापार पूरी तरह से निचले स्तर पर आ गया। व्यापारियों ने भी सरकार का साथ देते हुए कैशलेस व्यवस्था को अपनाया, मगर बैंकों का साथ नहीं मिलने से मुश्किलें बढ़ती रहीं। आलम यह है कि जिले के 250 से ज्यादा व्यापारियों ने स्वाइप मशीन को आवेदन किए, मगर बैंकें व्यापारियों को मशीनें उपलब्ध नहीं करा सकीं।
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कम नहीं हुईं एटीएम पर कतारें
नोटबंदी के दौर में एटीएम पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती थीं। मगर आज भी स्थिति बिल्कुल वैसी ही है। जिले के एटीएम नकदी के लिए आज भी लोगों को रुला रहे हैं। आए दिन एटीएम पर कतारें नजर आती हैं। दीपोत्सव के दौरान पांच दिनी अवकाश में एटीएम ने लोगों को खूब रुलाया।
छोटे नोट का बढ़ा चलन
नोटबंदी के बाद छोटे नोट और सिक्कों का चलन एकदम बढ़ गया। बाजार में तेजी से 10 रुपये का सिक्का और नोट आए। छोटे नोट बढ़ने से लोगों को नकदी लाने-ले जाने में दिक्कत हुई।
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कहते हैं व्यापारी और लोग
नोटबंदी को दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन कुछ भी बदला नहीं है। परेशानी बढ़ गई है।
कुलभूषण अग्रवाल, व्यापारी
नोटबंदी के दौरान नकदी संकट था, जो आज भी बरकरार है। समय-समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गोविंद मिश्रा, व्यापारी
नोटबंदी से बाजार पर असर हुआ है। कालाधन सामने आया। एटीएम की दिक्कत बरकरार है।
जितिन शाक्य, युवा
जिले के एटीएम का बुरा हाल है। आज भी लोगों की कतारें लगी रहती हैं। नोटबंदी से समस्या बढ़ गई है।
राजीव यादव
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