कासगंज। जिले के किसानों ने लखनऊ में आयोजित किसान कुंभ में विदेशी विशेषज्ञों से सीख ली है। किसान जापान और इस्राइल के बीज लेकर कासगंज लौटे हैं। इन बीजों का जिले की जमीन पर प्रयोग किया जाएगा। यदि सफलता मिली तो खेती की तस्वीर बदल जाएगी।
किसानों ने लखनऊ के किसान कुंभ मेले में तीन दिन तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां भारत के कृषि विशेषज्ञों की स्टॉल लगी थी। इसके साथ ही जापान और इस्राइल के विशेषज्ञों ने भी अपनी स्टॉल लगाई थी। जिले के किसानों ने विदेशी विशेषज्ञों से सीख लेते हुए उनकी स्टॉल से कई प्रकार की प्रजातियों के बीज खरीदे।
विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि हो सकता है कि विदेशी बीज भारत के कुछ इलाकों के वातावरण के अनुकूल न हों और पैदावार बेहतर न हो सके। ऐसे इलाके, जहां का वातावरण बीज की पैदावार को कम करे, वहां विदेशी तकनीक और उर्वरकों का प्रयोग करें। निश्चित ही बीज से फसल बढ़ेगी। किसान विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेने के बाद कासगंज लौटे हैं।
अब यहां की मृदा से बीजों की उपज की जाएगी। पहले प्रशिक्षण लेने पहुंचे 256 किसान स्वयं के खेतों पर विदेशी बीज का प्रयोग करें। सफलता मिलने पर अन्य किसानों को भी प्रेरणा देंगे। किसान कुंभ में विशेषज्ञों ने विदेशी तकनीक से बीज तैयार करने की पद्धति भी बताई गई। इसके अलावा किसानों को जापानी तकनीक के कृषि यंत्र भी भाए हैं। इन यंत्रों को कृषि विभाग शासन की पहल पर किसानों को उपलब्ध कराएगा। हालांकि यंत्रों के बदले किसानों से भुगतान लिया जाएगा।
- मेले में तमाम देशी और विदेशी स्टॉल लगे थे। विदेशी प्रजातियों के बीज के साथ साथ देशी बीज भी बेहतर दिखे। अब विदेशी तकनीक से खेती करेंगे। चंद्रभान, किसान।
- किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। लखनऊ में आयोजित किसान कुंभ में विदेशी यंत्र काफी बेहतर थे। जापान तकनीक के यंत्र किसानों तक शीघ्र ही पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।