मथुरा। सुनियोजित विकास की जिम्मेदारी संभाले विकास प्राधिकरण अब अवैध निर्माण की अधिकृत संस्था बन गया है। भवन पर सील लगाना और फिर उन्हें खोलना यहां के अधिकारियों के लिए आम बात है। पिछले छह माह के दौरान 12 भवन सील किए गए और चार को मुक्त कर दिया। बाकी ने सील में भी निर्माण लगभग पूरा कर लिया है। होटल का नक्शा एक मंजिल का था लेकिन तीन मंजिल बन गया।
विकास प्राधिकरण अमल में आने के बाद भी नगर क्षेत्र और आसपास 700 से अधिक अवैध कालोनियां खड़ी हो गई हैं। कई मल्टीस्टोरी भवन बगैर नक्शा बन गए हैं। इनकी निगरानी करने वाले अभियंताओं की नींद नहीं टूटी। शिकायत के बाद ही सील की कार्रवाई की गई हैं। लेकिन अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अभियंताओं पर कभी शिकंजा नहीं कसा गया। ऐसे में अवैध निर्माण का खेल मेलजोल से जारी है।
पिछले छह माह के दौरान 12 भवनों पर सील लगाई गई है। इसमें होटल, गेस्ट हाउस और मॉल शामिल हैं। इसमें से चार की सील के बाद कंपाउंड के बाद खोल दिया गया, लेकिन कंपाउंड में तय शर्तों का पालन कहीं नहीं हुआ। बाकी सील भवन भी बनकर तैयार हो गए हैं। सबसे अधिक चिंता की स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र में है। यहां पिछले एक साल के दौरान सबसे अधिक अवैध निर्माण हुए हैं। सील लगने के बाद भी निर्माण जारी है।
इन इलाकों में नक्शे के विपरीत खड़ी हुईं इमारतें
डैंपियर नगर, श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र, सरस्वती कुंड का इलाका, भूतेश्वर का क्षेत्र, जनरल गंज इलाका, धौली प्याऊ, कृष्णा नगर।
उपाध्यक्ष और सचिव दोनों ही प्रमुख पदों पर नए अफसर आए हैं। पुराने मामलों की समीक्षा कराई जा रही है। दो नए भवन हाल ही में सील किए हैं। 26 के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. बसंत अग्रवाल, सचिव, विकास प्राधिकरण, मथुरा