मथुरा के कई योद्धा बड़ी खामोशी के साथ समस्या रूपी रावणों से लड़ रहे हैं। किसी ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए मुहिम छेड़ रखी है तो कोई, लोगों को सेहतमंद बनाने के लिए सुबह-सुबह उठाकर मार्निंग वॉक पर ले जा रहा है। कुछ ने तो भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जंग सी छेड़ रखी है।
इस दशहरा पर अमर उजाला एक मुहिम चला रहा है, जिसमें इस तरह के योद्धाओं से शहर वालों को रूबरू कराया जाएगा। शहर के यह वह लोग होंगे जिन्होंने पूरी हिम्मत और हौसले के साथ बड़े बड़े संकटों का सामना किया है।
बात चाहे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की हो या फिर किसी व्यवस्था में सुधार की। यह जी जान के साथ जुटे रहे हैं। अगर यमुना में कहीं गंदगी दिखती है तो उतर जाते हैं सफाई करने के लिए।
जख्मी जानवरों का इलाज अपना पैसा लगाकर कराते हैं। रात को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और चौराहों पर भूखे लोगों को तलाशकर खाना खिलाते हैं। गरीब बस्तियों में जाकर मदद कर रहे हैं।
भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ दिल्ली से लखनऊ तक आवाज बुलंद की है इन्होंने। हम दशहरा तक हर दिन ऐसे ही एक योद्धा से रूबरू कराएंगे।