फिरोजाबाद। आयुष्मान भारत योजना की गति जिले में धीमी है। या फिर यूं कहें कि अधूरी व्यवस्थाओं के कई चरणों में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत हुई। आयुष्मान भारत योजना में सेवार्थ संस्थान ट्रामा सेंटर भी शामिल है। यहां गोल्डन कार्ड तो बनने लगे हैं, लेकिन योजना के तहत फिलहाल इलाज संभव नहीं है। वजह है कि आयुष्मान मित्रों की ट्रेनिंग नहीं होना।
स्वास्थ्य विभाग में देश की सबसे बड़ी योजना लापरवाही की भेंट चढ़ रही है। प्राइवेट अस्पताल योजना से जोड़े गए हैं, अधिकांश में गोल्डन कार्ड बनने की सुविधा नहीं है। सेवार्थ संस्थान ट्रामा सेंटर में गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। यहां कुल आठ लोगों ने गोल्डन कार्ड बनवाए हैं। जो लोग गोल्डन कार्ड जारी करा चुके हैं, अगर वो इलाज कराने आए तो कुछ समय मरीज को इंतजार करना पड़ेगा।
क्योंकि इस योजना में कैसे काम होगा, इसकी जानकारी आयुष्मान मित्रों को भी नहीं है। दरअसल एक प्राइवेट कंपनी पर आयुष्मान मित्रों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी है। ट्रामा सेंटर के अध्यक्ष पीके झिंदल ने कहा कि हम स्वास्थ्य अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। आयुष्मान मित्रों की ट्रेनिंग नहीं होने से योजना अधर में है। ट्रेनिंग के बाद पता लगेगा कि लाभार्थी का इलाज कैसे कराना है।
योजना का प्रचार प्रसार नहीं होने से अधिकांश लाभार्थियों को पता नहीं है कि इस योजना में कौन लाभार्थी है। यही कारण है कि 10 लाख की आबादी को कवर करने वाली इस योजना से किसी एक ने भी दो सप्ताह से ज्यादा समय में इलाज नहीं कराया है।