एटा। गरीबों को वितरित होने वाले राशन सड़ने की कगार पर है। खुले आसमान के नीचे रखे गेहूं को फटी हुई पॉलिथीन से सुरक्षित किया जा रहा है। जिससे गेहूं अंकुरित होने लगा है। इतना ही नहीं जिस गोदाम में चावल रखा हुआ है उसकी टिन शेड भी पूरी तरह से छलनी हो चुकी है जिससे लगातार हो रही बारिश से चावल भी भीग रहा है।
निधौली रोड के उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के गोदाम में गरीबों को वितरित होने वाला करीब दो हजार क्विंटल गेहूं खुले आसमान में रखा है जिससे वह सड़ने की कगार पर पहुंच चुका है क्योंकि उसे जिस पॉलिथीन से कवर किया गया है वह खुद जगह-जगह से फटी हुई है। इतना ही नहीं गेहूं को जमीन पर रख दिया गया है, जिससे उसे नीचे से भी नमी मिल रही है। ऊपर से पानी और नीचे से मिल रही नमी के चलते गेहूं अंकुरित होने लगा है। जबकि जिम्मेदार अंजान बने हुए है।
लकड़ी के बजाए जमीन में रखा है गेहूं और चावल
गोदाम में रखे जाने वाले गेहूं और चावल को लकड़ी के बजाए नीचे जमीन पर रख दिया गया है। जबकि नियमानुसार गेहूं और चावल के बोरे लकड़ी के ऊपर रखे जाने का है।
आंकड़ों पर नजर
9000 हजार क्विंटल गोदाम में है राशन
2000 हजार क्विंटल खुले में रखा है गेहूं
हमारे यहां दो हजार कुंतल गेहूं खुले में रखा है। इसके अलावा नौ हजार कुंतल गेहूं गोदाम में अंदर है। गोदाम में अंदर जगह नहीं है। इसलिए गेहूं को बाहर रखा गया है।
भगवत स्वरूप, एसएमआई
हमारे यहां गोदामों में बुडन क्रेेट पर गेहूं नहीं रखा जाता है। खुले में रखा हुआ गेहूं हमारा नहीं है। रही बात टीन शेड छलनी होनी की तो उसके लिए शासन से बजट मांगा गया है। बजट मिलने के बाद उसे ठीक कराया जाएगा।
प्रमोद कुमार, एसडब्ल्यूसी
एफसीआई गोदाम में तो गेहूं को नमी से बचाने और हवा पास होने के लिए बुडन क्रेेट के ऊपर रखा जाता है। बाकी निधौली रोड के गोदाम में कैसे रखा गया है। इसके बारे में हमे जानकारी नहीं है।
दीपक कुमार, एसफसीआई मैनेजर