निजामपुर में दलित युवक की बारात चढ़ने के प्रकरण से सुर्खियों में आए दूल्हा-दुल्हन संजय और शीतल के कदम सेलिब्रिटी बनने की ओर हैं। उनके बारात चढ़ाने के संघर्ष के बाद संपन्न हुए विवाह पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी। यह फिल्म संजय और शीतल की शादी के संघर्ष पर आधारित रहेगी। वहीं तमाम दलित संगठन संजय से संपर्क करके उसका हौसला बढ़ाकर शुभकामनाएं दे रहे हैं।
मूल रूप से हाथरस के बसई गांव के दलित युवक संजय जाटव की शादी निजामपुर की शीतल से 15 जुलाई को संपन्न हुई। यह शादी मीडिया की सुर्खियों में रही। प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच युवक की बारात की चढ़वाई। सुर्खियों में आने के बाद अब फिल्म जगत से जुड़े लोगों की नजर भी इस ओर है। मुंबई के डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता मोहित ने संजय से बात करके एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का निर्णय लिया है। मोहित ने अमर उजाला को बताया कि वे जल्द ही यहां आएंगे। युवक संजय जाटव ने बताया कि उसके पास कई संगठनों से लगातार फोन आ रहे हैं। देश और विदेश से कई कॉल आईं हैं जिसमें लोगों ने शुभकामनाएं दी हैं। उसने बताया कि दिल्ली शहादरा के अशोक नगर में सोमवार को उन्हें व शीतल को सम्मानित करने के लिए बुलाया गया है। सोशल मीडिया पर लगातार संजय शीतल की शादी छाई हुई है।
फिल्म के लिए संजय से बात करेंगे
कासगंज। मुंबई के फिल्म निर्माता एवं केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य कैलाश मासूम ने बताया कि निजामपुर की चर्चित शादी की जानकारी मिलने पर उनके मन में फिल्म बनाने की जिज्ञासा हुई है। लेकिन वे इस संबंध में कासगंज आकर संजय से मिलेंगे। इसके बाद फिल्म निर्माण का निर्णय लेंगे। उन्होंने बताया कि वह बसपा सुप्रीमो एवं मुख्यमंत्री मायावती पर बहन जी नाम की फिल्म बना चुके हैं।