एटा। जिला सहकारी बैंक से कर्ज लेने के बाद सैकड़ों लोग भूल गए। ऐसे कर्जदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बैंक ने 24 डिफाल्टरों के वारंट जारी कराए हैं इनसे 75 लाख रुपये की वसूली की जानी है। वर्तमान में बैंक का साढ़े तीन करोड़ से अधिक की धनराशि एनपीए (नॉन परफॉरमेंस असेट्स) की श्रेणी में पहुंच गया है। इसके चलते बैंक की स्थिति दयनीय होती जा रही है।
जिला सहकारी बैंक एटा का तीन करोड़ 65 लाख 90 हजार रूपये ऐसे हाथों में पहुंच गया है, जहां से निकालने में बैंक को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 24 कर्जदारों को बैंक डिफाल्टर घोषित कर चुकी है और उनके खिलाफ वारंट भी जारी करा दिए हैं। जिनके खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं वह लोग बैंक की 75 लाख रूपये की धनराशि दबाए बैठे हैं। अब बैंक सख्त कार्रवाई के मूड में आ गई है। वारंटी 24 कर्जदारों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की जा रही हैं और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की तैयारियां चल रही हैं।
बैंक का 247 कर्जदारों पर कुल तीन करोड़ 66 लाख 90 हजार रूपये बकाया है जो एनपीए (नॉन परफॉरमेंस असेट्स) की श्रेणी में पहुंच गया है। इन कर्जदारों से निपटने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। वैसे तो बैंक ने 472 लोगों को नौ करोड़ 45 लाख 98 हजार रूपये कर्ज दिया था। मगर 247 कर्जदार वायदा खिलाफी कर गए और उन्होंने कर्ज समय से अदा नहीं दिया।
जिला सहकारी बैंक के 24 बड़े बकायेदारों के खिलाफ वारंट जारी कराए गए हैं। जिनसे 75 लाख रूपये वसूली की जानी हैं। इसके लिए टीमें गठित की जानी हैं। बैंक का 365.90 लाख रूपए एनपीए की श्रेणी में पहुंच गया है। अन्य के खिलाफ कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी।
हरीबाबू भारती, प्रबंधक, जिला सहकारी बैंक एटा।
आंकड़ों पर एक नजर
कुल कर्जदार 472
कुल धनराशि 945.98 लाख
एनपीए की श्रेणी में 247
कुल धनराशि 365.90 लाख
बकाएदारों वारंट जारी 24