मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों में अधर में लटकी स्थानांतरण और समायोजन की प्रक्रिया शिक्षा विभाग के लिए बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। यदि जून के अंत तक जनपद के अंदर समायोजन और स्थानांतरण के कार्य को पूरा नहीं किया जाता है तो शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित होगी। इसके लिए कहीं न कहीं विभाग और शासन जिम्मेदार होगा।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन की प्रक्रिया पिछले तीन महीने से प्रस्तावित चल रही है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अभी तक स्थानांतरण का कार्य नहीं किया गया है। इसके चलते जनपद की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। स्कूलों पर यदि नजर डालें तो पता चलता है कि कई स्कूल ऐसे हैं जहां मानक से अधिक शिक्षकों की तैनाती है।
वहीं, कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां मानक से कम शिक्षकों की तैनाती है। जनपद में 15 स्कूल एकल हैं। यहां एक शिक्षक के सरकारी काम या अवकाश पर जाने के बाद विद्यालय में ताला लटक जाता है। यदि 30 जून तक शिक्षा विभाग में जनपद के अंदर स्थानांतरण और समायोजन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।