मथुरा। जिला अस्पताल में डायरिया के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जनपद में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मांट, नौहझील, बलदेव और छाता क्षेत्र के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को खासकर सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। यह ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पहले भी डायरिया के कारण जनहानि हो चुकी हैं।
अमर उजाला में 25 अप्रैल को प्रकाशित खबर महानगर में डायरिया की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सीएमओ आफिस में बने कंट्रोल रूम की टीम ने जिला अस्पताल में पहुंचकर यहां भर्ती हो रहे डायरिया के मरीजों का आंकड़ा एकत्रित किया है। कंट्रोल रूम प्रभारी डॉ. प्रवीन भारती और डॉ. मेघश्याम गौतम ने जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया से प्रभावित बच्चों के परिजनों से पूछताछ भी की। इसके अलावा संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. हिमांशु मिश्रा ने भी महानगर से आ रहे मरीजों की जानकारी ली।
सीएमओ डॉ. शरद कुमार त्यागी ने भी गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिले में डायरिया को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके लिए मांट तहसील क्षेत्र में सुरीर, मांट, ओहवा, भिदोनी, भद्रवन, बेरा, जरारा तथा छाता तहसील में शेरगढ़ क्षेत्र तथा महावन तहसील क्षेत्र अंतर्गत राया, सौंख खेड़ा, नगला संजा, अवैरनी में सतर्कता बरतने को कहा है। मांट तहसील क्षेत्र इसमें सबसे अधिक संवेदनशील है। यहां 148 ईंट भट्ठा संचालित हैं। पिछले साल ही इस क्षेत्र में पानी के 16 नमूने फेल आए थे। जिनके कारण गर्मी में हुए डायरिया ने चार लोगों की जान ले ली थी।