एक ओर देश में स्वच्छ भारत मिशन का शोर है, तो वहीं दूसरी ओर जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां लोग मिशन से अनजान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज्जतघर का तोहफा अब तक इस गांव की महिलाओं को नहीं मिला है। यहां आज भी महिला और पुरुष खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
जिले के जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मजराजात जैथरा का छोटा सा मजरा गांव भवकरिया अब तक स्वच्छ भारत मिशन की राह देख रहा है। मिशन पर पैसा पानी की तरह से बह रहा है, लेकिन इस गांव में अब तक लोग स्वच्छ भारत मिशन से अनजान हैं। शनिवार को अमर उजाला टीम को गांव में महिलाएं खुले में शौच जाती दिखीं। बात करने पर पता चला कि गांव को दो-दो स्वतंत्रता सेनानी देने का गौरव मिला, लेकिन हालात बदतर हैं। गांव में अब तक शौचालय बने ही नहीं हैं। ऐेसे में महिलाएं खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। पढ़िए रिपोर्ट...
गांव में विकास के नाम पर बदहाली
गांव भवकरिया की जनसंख्या 750 है। जिसमें 500 करीब मतदाता हैं। बताया जाता है कि गांव के बनवारीलाल पुत्र मथुरी सिंह व डाल चंद उर्फ डल्लू पुत्र खिमाई लाल ने आजादी की लड़ाई में योगदान देकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का तमगा हासिल किया, लेकिन प्रशासन की अनदेखी से गांव बदहाल है। गांव में एक भी शौचालय नहीं बना। नाली और खड़ंजा की स्थिति बेहद खराब है। गांव में स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार बेबसी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं।
ब्लॉक से दो किमी दूर नहीं बढ़ सका मिशन
जिले में स्वच्छ भारत मिशन गांव-गांव पहुंच रहा है, लेकिन मिशन के अधिकारियों को ब्लॉक से दो किमी दूर स्थित यह गांव आजतक नजर नहीं आया। ग्रामीण बताते हैं कि उनको स्वच्छ भारत मिशन के संबंध में किसी अधिकारी ने कोई जानकारी नहीं दी।
विकास के लिए फरियाद कर रहे ग्रामीण
गांव के रामवीर सिंह, जगदीश, रामशरन, सतेंद्र, विजराज, नेत्रपाल सिंह, डा. देशराज सिंह, रघुवीर सिंह, गुलेश सिंह, तोक सिंह, हेत सिंह, मेघ सिंह, सियाराम, शीला देवी, कमला देवी, अनीता, विमला देवी ने गांव में शौचालय ,नालियां खड़ंजा कराने की खंड विकास अधिकारी से मांग की है।
जानै कब गाम मै पाखाने बनिंगें ?
गांव की एक वृद्धा को जब हाथ में डिब्बा लेकर शौच को जाते देखा, तो उनसे बात की गई। 98 वर्षीय वृद्धा सरस्वती कई बार खुले में शौच जाते समय कई बार रास्ते में गिर चुकी हैं। इसके चलते कई बार घायल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब मोइ आंखनतै दिखाई नाय देतु, कबउ कबउ मेरो पानीउ फैल जातु है, जानै कब गाम मै पाखाने बनिंगें। हमतौ मर जांग्गे।
इनका कहना है
मैंने हाल में ही खंड विकास अधिकारी का चार्ज लिया है। एडीओ पंचायत से जानकारी कर गांव में शौचालय निर्माण कराने का प्रयास करूंगा।
रघुवीर सिंह यादव, खंड विकास अधिकारी, जैथरा
हम अपनी पंचायत के सभी गांव ओडीएफ कराएंगे। हमने लहचोरा में पचास शौचालयों का निर्माण कराया है। गांव भवकरिया में अति शीघ्र शौचालय बनवाने का प्रयास कर रहा हूं।
भूप सिंह वर्मा, प्रधान मजराजात जैथरा
कहते हैं आंकड़े
131413 शौचालयों का जिले में हो चुका निर्माण।
14064 शौचालय जैथरा ब्लॉक में बन चुके।
141 गांव हो चुके हैं ओडीएफ।
84 गांवों में हो चुका ओडीएफ का सत्यापन जिले में
14 गांव जैथरा में हो चुके ओडीएफ
06 गांवों का जैथरा में हो सका सत्यापन