चैत्र अमावस्या पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने हरिपदी सहित लहरा गंगा घाट, कछला गंगा घाट, कादरगंज घाट आदि पर स्नान किया। श्रद्धालुओं ने गंगा मैया के जयकारे लगाए और पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी। दान दक्षिण कर श्रद्धालुओं ने पुण्य अर्जित किया।
गंगा घाटों पर एक दिन पहले से ही श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए। शनिवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे। सुबह होते ही श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया। हर हर गंगे के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने गंगा मैया के पवित्र जल में डुबकी लगाई।
मां गंगा की पूजा अर्चना के बाद साधु संतों को दान किया। अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए श्रद्धालुओं ने वराह घाट पर तीर्थ पुरोहितों से पूजा अर्चना कराई। हरिनाम का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालुओं ने हरिपदी की परिक्रमा की। वराह मंदिर, सोमेश्वर, सिद्ध हनुमान, बाला जी दरबार, रघुनाथ जी, द्वारिकाधीश, पंच महाशक्ति आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।