मैनपुरी। बजट के अभाव में स्वच्छ भारत मिशन पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। दो अक्तूबर 2019 तक जिले को ओडीएफ बनाना है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में केवल 40 प्रतिशत ही शौचालयों का निर्माण हुआ है। वित्तीय वर्ष में 50194 शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अभी तक 20 हजार शौचालय ही बने हैं।
देहात में प्रति शौचालय 12 हजार रुपये आवंटित किए जाते हैं। शौचालय निर्माण पंचायत सचिव तथा प्रधान की देखरेख में कराया जाता है। अब शौचालय निर्माण के लिए एडीओ पंचायत, रोजगार सेवक, खंड प्रेरक, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। कई शौचालयों का निर्माण अभी भी अधूरा है।
तीस प्रतिशत ही मिला बजट
जिले में 50194 शौचालय बनाने के लिए 62 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। विभाग को अभी तक केवल 18 करोड़ रुपया ही मिला है। बजट के अभाव में योजना शिथिल होती जा रही है। शौचालय निर्माण में मानकों की अनदेखी भी सामने आ रही है।
चार के खिलाफ रिपोर्ट
शौचालय निर्माण में लापरवाही पर चार पंचायत सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट हो चुकी है। शौचालय निर्माण से संबंधित 67 कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही 27 कर्मचारियों को नोटिस भी दिए गए हैं।
बजट के अभाव में शौचालय निर्माण रुका हुआ है। शासन से बजट के लिए पत्र लिखा गया है। मिशन को समय से पूरा करने के लिए पंचायत राज विभाग से संबंधित अन्य कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
विजय कुमार गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी