कासगंज। उत्पीड़न का शिकार होने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी सुरक्षा के लिए जिले में आशा ज्योति केंद्र खुलने जा रहा है। प्रोबेजन विभाग के जरिए खुलने वाले इस केंद्र के लिए जमीन की व्यवस्था हो गई है। शासन को प्रोजेक्ट तैयार करके भेजा जा चुका है।
महिलाओं के साथ घेरलू हिंसा, एसिड अटैक, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म सहित अन्य घटनाएं हो रही हैं। वर्ष 2017 में अभी तक 375 महिलाएं इन अपराधों का शिकार हो चुकी हैं। ऐसी महिलाओं के लिए आशा ज्योति केंद्र आशा की नई किरण बनेगा। शासन से इस योजना को मंजूरी मिलने के बाद प्रोबेशन विभाग ने इस केंद्र के निर्माण के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी है।
नवनिर्मित जिला चिकित्सालय में 300 वर्ग मीटर जगह विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से मिली है। इस केंद्र के भवन निर्माण के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया जा चुका है। पांच करोड़ की लागत से इसका निर्माण होगा। एकल केंद्र व्यवस्था के तहत चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता, रेसक्यू बैंक, विधिक परामर्श, अधिवक्ता सुविधा आदि उपलब्ध कराई जाएंगी।
कामकाजी महिलाएं के लिए बनेगा क्रेच
कासगंज। आशा ज्योति केंद्र से कामकाजी महिलाओं के लिए भी मदद मिलेगी। इस केंद्र पर एक क्रेच बनेगा। इस केंद्र पर छोटे बच्चों के रुकने की व्यवस्था होगी। कामकाजी महिलाएं अपने बच्चों को इस केंद्र पर छोड़कर अपने कार्य पर जा सकेगी। इस बीच बच्चे की पूरी देखभाल इस केंद्र पर होगी।
आशा ज्योति केंद्र का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- मोहम्मद मुशफेकीन, जिला प्रोबेशन अधिकारी