एटा। साहित्यकार, चिंतक यश भारती से सम्मानित डॉ. रामसिंह यादव ने रविवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। मुलायम एक क्रांति दूत, जाहरवीर, दिव्य आत्मा पुस्तक लिखकर लोगों को चिंतन का सशक्त विषय दिया
जलेसर तहसील क्षेत्र के नगला पंाडव नगर में जन्मे सिंह बचपन से ही सामाजिक कुरीतियों और अव्यवस्थाओं के प्रति मुखर थे। श्याम तेरी बंसी बजे धीरे-धीरे, नहीं कठिन है डगर पनघट, चंद्र शेखर आजाद जैसी पुस्तकें युवाओं की प्रेरणा बन रही हैं।
दिवंगत साहित्यकार के बड़े पुत्र मेजर संजय यादव उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में सदस्य, आईपीएस अजय चौधरी दिल्ली पुलिस में ज्वाइंट कमिश्नर एवं तीसरे बेटे अंशुमान यादव मध्य प्रदेश में आईजी और चौथे पुत्र डॉ समीर कृष्ण प्रवक्ता हैं। हजारों लोगों की उपस्थिति में देर रात उनका अंतिम संस्कार किया।
डॉ सिंह की अंतिम सांसे भी साहित्यक चेतना को समर्पित रहीं। अस्वस्थता के बावजूद भी 36 घंटे पूर्व शुक्रवार को शुरू हुए स्व.बृजपाल सिंह स्मृति पुस्तक मेले का उद्घाटन ही नहीं किया वरन यहां उपस्थित सैकड़ों लोगों को संबोधित भी किया। मेला संयोजक संजीव कुमार एआरएम बताते हैं कि बाबूजी ने अस्वस्थता के बावजूद भी आमंत्रण स्वीकार किया।
साहित्यकार के निधन पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं सपा संासद प्रो. रामगोपाल यादव ने डॉ यादव के पुत्र अजय चौधरी पर फोन पर संवेदना जताई। सूत्रों के अनुसार 17 दिसंबर को प्रस्तावित शांति पाठ में अखिलेश यादव के शामिल होंगे। मेला परिसर में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। संयोजक संजीव कुमार ने दुख जताया।