मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के लिए परिषद द्वारा निर्धारित किए गए परीक्षा केंद्रों में बड़ी संख्या में लापरवाही हुई है। विद्यार्थियाें के सेंटर 35 किमी की दूरी पर डाल दिए हैं। शिकायतें मिलने पर डीएम ने परीक्षा केंद्रों की जांच उपजिलाधिकारियों से कराने का कार्य शुरू करा दिया है।
शासन की मंशा नकल विहीन परीक्षा कराने की है। इसे देखते हुए शासन ने जनपद में मात्र 115 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। पहली बार ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया है। जिसके चलते परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है।
कई कालेज ऐसे हैं जिन्हें मानकों की अनदेखी कर परीक्षा केंद्र बनाया गया है। एक तरफ जहां 16 से 20 कमरों वाले कालेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। वहीं दूसरी तरफ मात्र छह से नौ कमरों वाले कालेजों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है।
शनिवार को बेवर स्थित एक कालेज के प्रधानाचार्य ने डीआईओएस को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि उसके कालेज का परीक्षा केंद्र 35 किमी दूर शिक्षा सदन इंटर कालेज कुचेला में बनाया गया है।
केवल बालक ही नहीं बालिकाओं के परीक्षा केंद्र निर्धारण में भी बड़ी अनियमितताएं की गई हैं। बालिकाओं का सेंटर किसी भी कीमत पर पांच किमी से अधिक दूर नहीं होना चाहिए लेकिन उनके सेंटर भी 10 से 20 किमी दूरी तक भेजे गए हैं।
डीआईओएस जीएस राजपूत ने बताया कि प्रधानाचार्यों से 20 नवंबर तक प्रत्यावेदन मांगे हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 के लिए पिछले तीन दिनों में 100 से अधिक कालेजों ने प्रत्यावेदन दिए हैं। इन प्रत्यावेदनों में न केवल परीक्षा केंद्र गलत बनाने की बात कही है बल्कि छात्र आवंटन में भी घोर लापरवाही की बात कही गई है।
दूसरी तरफ जिन कालेजों ने परीक्षा केंद्र बनाने के लिए प्रत्यावेदन किया है उन कालेजों का भौतिक सत्यापन भी शुरू करा दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी इन कालेजों में पहुंचकर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।