मथुरा। एसएसपी साहब! सियासत ने राखी की जान ले ली। मां-बाप की हत्या के बाद उसे तरह-तरह की बातों से उकसाया गया कि उसने अपनी जान ही दे दी। अब भी सियासी लोग बयानबाजी कर परेशान कर रहे हैं। अब उसके दो छोटे भाई बहन को बचा लीजिए। ये गुहार एसएसपी स्वप्निल ममगाई से मृतक राखी के मामा मुख्तार सिंह ने लगाई है।
बुधवार को एसएसपी आफिस मिलने गए कोसीकलां निवासी मुख्तार सिंह ने कहा कि उनकी बहन रविवाला और बहनोई बनवारी की आठ मार्च 2017 को हत्या कर बदमाशों ने लूट की थी। अब तक इस घटना का खुलासा नहीं हुआ है। इस दरम्यान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के तरह-तरह से बहकावे में आकर उनकी बड़ी बेटी और मेरी भांजी राखी को उस स्थिति में पहुंचा दिया कि 10 अक्तूबर को उसने आत्महत्या कर ली। अब परिवार में 17 वर्षीय भांजा राहुल और 13 वर्षीय भांजी दीपा हैं।
दोनों ही नासमझ हैं। अब राजनेता उन्हें तरह-तरह की बातों में बहकाकर अपने उद्देश्य की पूर्ति कर रहे हैं। तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। इससे हमारा परिवार परेशान है, कालोनीवासी परेशान हैं। हमारी बिटिया चली गई है अब हमें लोग हमारे हाल पर ही छोड़ दें तो बेहतर है। राहुल और दीपा को इन स्थितियों से सुरक्षित करते हुए दोहरे हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस दौरान मुख्तार सिंह के साथ राहुल और अमर कालोनी निवासी भी साथ थे।
परिवार को मिलेगी पूरी सुरक्षा, जल्द होगा खुलासा
राखी के मामा मुख्तार सिंह सहित अमर कालोनीवासियों को एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने भरोसा दिया कि परिवार को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। पीड़ित परिवार को परेशान करने के लिए अब किसी को भी नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने दंपति की हत्या के मामले में की जा रही कार्रवाई से भी सभी को अवगत कराते हुए भरोसा दिलाया कि जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।
अचानक बदले सुर के पीछे कोई दबाव तो नहीं
बुधवार को राखी के मामा और भाई-बहन मोहल्ले के लोगों के साथ एसएसपी से मिले और कहा कि उन्हें सियासी लोग परेशान कर रहे हैं। वह इस मामले में किसी भी सियासत के पक्षधर नहीं हैं।
इसके भी अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इन लोगों पर दबाव बनाकर इस तरह के बयान दिलाए जा रहे हैं ताकि मामले को शांत किया जा सके। इसके पीछे भाजपा के ही कुछ बड़े नेताओं का इशारा बताया जा रहा है। दरअसल यह मामला प्रदेश स्तर पर गूंजने लगा है। सपा और कांग्रेस ने तो इसे मुद्दा बनाकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन का एलान किया है।
टूटी नींद, अब खुलासे को हाथ पैर मार रही पुलिस
सात महीने से ठंडे बस्ते में पड़ा अमर कालोनी का दोहरा हत्याकांड और लूट अब पुलिस की प्राथमिकता में आ गया है। खुलासे के लिए अफसर हर रोज मंथन कर रहे हैं। एसआईटी ने पड़ताल शुरू कर दी है। पंद्रह सदस्यीय इस टीम को कप्तान ने हर हाल में खुलासे के निर्देश दिए हैं।
ढाई घंटे की मंत्रणा में पिछली कमियों के कारण खुलासे में हुई देरी को भुलाकर आगे जल्द खुलासे की रणनीति तैयार की गई। मंगलवार सुबह एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने 15 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया और रात 11 बजे टीम के सभी सदस्यों को कॉल करके एसएसपी आवास पर बुलाया। आठ मार्च को बनवारी और रविबाला की हत्या से लेकर राखी की मौत से पूर्व हर जांच के पहलू पर गहनता से मंत्रणा की।