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यूपी स्टेट चेस प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ

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शतरंज - फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। नगर के एसबीआरएल सीनियर सेकेंड्री स्कूल में मंगलवार से तीन दिन तक चलने वाली यूपी स्टेट चेस चैम्पियनशिप का शुभारंभ हो गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन एसडीएम सदर अमित सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर व चेस की चाल चलकर किया।

इस दौरान एसडीएम ने कहा कि मैनपुरी जैसे जनपद में राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि आज युवा क्रिकेट, वॉलीबाल की तरफ अधिक ध्यान दे रहे हैं जबकि शतरंज जैसे दिमागी खेल की तरफ युवा ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसडीएम ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे शतरंज के खेल में बेहतर चाल चलकर अपनी प्रतिभा को दिखा सकते हैं।
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एसडीएम ने प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संघ के अध्यक्ष डा. राकेश गुप्ता ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

सचिव गजेंद्र सिंह चौहान व चीफ मॉनीटर हमंत शर्मा ने प्रतिभागियों को खेल के नियमों की जानकारी दी। प्रथम दिन प्रथम चक्र का ही खेल हो सका। देर रात तक खेल प्रतियोगिता जारी थी।

इस अवसर पर आयोजन सचिव एड. अनुपम गुप्ता, बंटी चौहान, अजित चौहान, राजेश चौहान, डा. चंद्रमोहन सक्सैना, महेंद्र चौहान, प्रवीन अवस्थी, असलम खान, आशीष मिश्रा, अवधेश भदौरिया, शवींद्र सिंह चौहान आदि लोग मौजूद रहे।
नेशनल तथा इंटरनेशनल खिलाड़ी बांट रहे अपने अनुभव

एसबीआरएल सीनियर सेकेंड्री स्कूल में चल रही यूपी स्टेट चेस चैम्पियनशिप में प्रदेश भर के नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी एकत्रित हो रहे हैं। ये खिलाड़ी प्रतियोगिता में अपने अनुभव बांट रहे हैं।

आगरा निवासी संस्कृति गुप्ता वर्ष 2015 में कॉमनवेल्थ गेम खेल चुकी हैं। वर्ष 2017 में फिर से इन्हें कॉमनवेल्थ खेलने का मौका मिला है। इसके अतिरिक्त उन्होंनें वर्ष 2015 में जूनियर एशियन प्रतियोगिता में भी भाग लिया।

इसके अतिरिक्त उनकेद्वारा अंडर 15, अंडर 17 तथा अंडर 19 में नेशनल प्रतियोगिता में भाग लिया है। संस्कृति गुप्ता का कहना है कि शतरंज का खेल दिमाग का खेल है। छात्र पढ़ाई के साथ-साथ शतरंज में बेहतर योगदान दे सकता है।

बलिया निवासी सुमित मिश्रा गत वर्ष लखनऊ में आयोजित इंटरनेशनल तथा दिल्ली में खेली गई नेशनल चैम्पियनशिप में भाग ले चुके हैं। स्टेट में तो वह कई बार प्रतिभाग कर चुके हैं। सुमित का कहना है कि छात्रों के लिए शतरंज सबसे बेहतर खेल है। छात्रों को इस खेल के प्रति अपनी रुचि दिखानी चाहिए।

बलिया निवासी रिया मिश्रा अंडर- 9 से लेकर अंडर 19 तक यूपी चैम्पियनश्पि में कई बार भाग ले चुकी हैं। जबकि अंडर 13 में वे नेशनल चैम्पियनशिप में भी भाग ले चुकी हैं।

उनका कहना है कि शतरंज का खेल ऐसा खेल है जिसे सीखने के लिए बहुत अधिक खर्च नहीं होता है। छात्रों को इस खेल की तरफ अपना ध्यान देना चाहिए।

मैनपुरी के राजा का बाग निवासी ओम चौहान यूपी स्टेट प्रतियोगिता में सबसे ऊंची रैंक हासिल करने वाले खिलाड़ी हैं। ओम इसी वर्ष ऑल इंडिया खेलने के साथ ही अंडर- 11 वर्ग में वर्ष 2013 में नेशनल खेल चुके हैं।

इसके अतिरिक्त अंडर-13 में भी वे नेशनल स्तर तक प्रतिभाग कर चुके हैं। ओम चौहान का कहना है कि शतरंज में छात्र-छात्राओं का जीवन सुरक्षित है। यहां कोई बड़ी चोट नहीं आती है। केवल दिमागी खेल है।

मैनपुरी निवासी संकल्प अरोरा भी दो बार नेशनल में जगह बना चुके हैं। वर्ष 2015 में अंडर- 19 तथा वर्ष 2016 में वे अंडर- 15 के तहत नेशनल में प्रतिभाग कर चुके हैं। उनका कहना है कि शतरंज एक ऐसा खेल है जिसमें बिना शारीरिक नुकसान के बेहतर स्तर पाया जा सकता है। छात्र-छात्राओं को इस खेल के प्रति जागरूक होना चाहिए।

मैनपुरी के कस्बा घिरोर के नाहिली रोड निवासी बाबा इंटरनेशनल के छात्र नारायन चौहान ने कम उम्र में ही शतरंज के खेल में अपनी प्रतिभा दिखाई है। वे अंडर-9 व अंडर- 13 वर्ग में वर्ष 2016 में नेशनल स्तर तक प्रतिभाग कर चुके हैं।
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जबकि वर्ष 2017 में आयोजित कॉमनवेल्थ में भी उन्होंने प्रतिभाग किया है। नारायन का कहना है कि उनकी प्रतिभा के कारण बाबा इंटरनेशनल कालेज ने उनकी शिक्षा मुफ्त कर दी है। छात्र-छात्राए शतरंज के खेल में प्रतिभाग कर बेहतर शिक्षा के साथ अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
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