जिले में मलेरिया, टाइफाइड एवं वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। शहर से लेकर गांव देहात तक लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। पीढ़ितों को समुचित चिकित्सा सेवा नहीं मिल पा रही।
जिले में प्रतिदिन ढाई से तीन हजार मरीज विभिन्न बीमारियों से पीढ़ित होकर सरकारी चिकित्सालयों पर पहुुंच रहे हैं। जबकि निजी चिकित्सकों के क्लीनिक पर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या इससे कहीं अधिक है। ढोलना के ग्राम इटउआ में बुखार का काफी प्रकोप है। इस गांव में एक दर्जन बच्चों के अलावा आधा दर्जन अन्य ग्रामीण भी बुखार से पीड़ित हैं। ग्राम फिरोजपुर, टीकरी, नगला ररया, नगला ताल, किलौनी, गुरहना सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी काफी संख्या में ग्रामीण बुखार की चपेट में आ चुके हैं।
इन ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा विभाग की टीम अभी तक नहीं पहुंची है। बुखार से पीड़ित होकर चिकित्सालय पहुंचने वाले मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक उन्हें चिकित्सालय में भर्ती भी कर रहे हैं। नगला ताल की मंजू मलेरिया से पीड़ित निकली, नगला किलौनी की देव कुमारी को मलेरिया व टाइफाइड जांच में सामने आया। सिटी मोहल्ला की सुनीता बुखार से पीड़ित निकली। इनकी गंभीर स्थिति निकलने पर चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया। इटउआ के मुन्नालाल ने बताया कि उनके गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। अभी तक चिकित्सकों की टीम गांव में नहीं आई है। फिरोजपुर के मनोज ने बताया कि उनके गांव में काफी संख्या में लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं।
जनपद में नहीं है एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक
कासगंज। जनपद में चिकित्सकों की काफी कमी है। सामान्य चिकित्साधिकारी के 44 पदों में से मात्र 19 ही भरे हुए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिना चिकित्साधीक्षकों के ही चल रहे है। फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक तक एक भी नहीं हैँ। पैथोलोजिस्ट के भी सभी पद खाली चल रहे हैं।
दवाओं की कमी की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है शासन को
कासगंज। जनपद में स्वास्थ्य विभाग के पास करीब 200 तरह की दवाएं होनी चाहिए, लेकिन 80 प्रकार की ही दवाएं मौजूद हैं। दवा के लिए भेज गए आर्डर की अभी तक पूर्ति नहीं हुई है। यदि जल्द ही दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती हैं।
दवाओं के आर्डर की पूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जो आर्डर दवा कंपनियों को भेजे गए हैं उनकी पूर्ति न हो पाने की रिपोर्ट शासन को दी जा चुकी है। डा. रुंगजी दुबे, सीएमओ