बजीरपुर कोटला: शौचालय अधूरे, फिर भी ओडीएफ
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एटा। एक ओर प्रदेश सरकार जिले को खुले में शौचमुक्त करने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव मिलकर अभियान को पलीता लगा रहे हैं। जिले के जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेखुपुरा में शौचालय निर्माण में खेल का खुलासा हुआ है। ग्राम प्रधान और सचिव ने ठेकेदार से शौचालय बनवा दिए, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। जांच में खुलासा होने के बाद विभाग ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को नोटिस जारी किया है।
ग्राम पंचायत शेखुपुरा में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण हुआ था। ग्रामीणों ने डीएम और डीपीआरओ से निर्माण में धांधली करने की शिकायत करते हुए शौचालय की धनराशि नहीं मिलने का आरोप लगाया था। शिकायत पर डीपीआरओ ने मिशन के जिला समन्वयक दिवाकर सक्सेना को जांच के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह और पंचायत सचिव कौशलेश ने निर्माण का काम अलीगढ़ के ठेकेदार लखपति से कराया, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। आरोप है कि शौचालय निर्माण में पीली ईंट का उपयोग करने के साथ सीमेंट कम डाला गया। शौचालय की छत पर सीमेंट पटिया रखने के साथ लाभार्थियों को धनराशि का वितरण नहीं किया गया है। विभाग ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि शेखुपुरा ग्राम पंचायत में धांधली की जांच कराने के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी।