फिरोजाबाद। ग्रेटर नोएडा में अगले माह आयोजित होने वाले इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर में शिरकत करने से उद्यमियों ने मुंह मोड़ लिया है। इसका मुख्य कारण है कि ट्रेड फेयर के लिए एक स्टॉल का 1.26 लाख रुपये की डिमांड की जा रही है। उद्यमी मात्र एक स्टॉल के नाम पर इतनी धनराशि खर्च करने के मूड में नहीं हैं।
उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा चार अगस्त से 15 अगस्त तक ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर का आयोजन किया जाना है। उप्र निर्यात संवर्धन परिषद की गाइड लाइंस के अनुसार उद्योग विभाग ने मेगा ट्रेड फेयर में शिरकत करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
उद्योग विभाग द्वारा उद्यमियों से कहा गया था कि जो लोग ट्रेड फेयर में शिरकत करना चाहें वह अपनी सहमति के साथ स्टॉल शुल्क आवंटन के लिए शुल्क उप्र एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल को डिमांड, चेक के माध्यम से जमा कराते हुए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। उद्यमियों को यह आवेदन उद्योग विभाग के साथ उप्र निर्यात एवं संवर्धन परिषद लखनऊ को भी भेजने थे, परंतु उद्योग विभाग को आजतक एक भी आवेदन पत्र नहीं मिला है।
उद्यमियों का कहना है कि इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर के लिए एक स्टॉल का शुल्क 1.26 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें 16500 रुपये टैक्स का भी शामिल है। सरकार को चाहिए कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टॉल के रेट कम से कम निर्धारित किए जाए।