मैनपुरी। शुक्रवार को तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम के चलते जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है। सपा विधायक राजकुमार यादव के नेतृत्व में अचानक 23 जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के विरोध में डीएम को शपथ पत्र दिए। साथ ही अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए शीघ्र जिला पंचायत की बैठक बुलाने की मांग की। डीएम ने इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया का पालन कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों की इस कार्रवाई से दूसरे गुट में हड़कंप मच गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर संध्या यादव उर्फ बेबी यादव काबिज हैं। वह सांसद धर्मेंद्र यादव की बहन हैं। शुक्रवार को सपा से सदर विधायक राजकुमार यादव और जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा कुल 23 जिला पंचायत सदस्यों को लेकर अचानक डीएम यशवंत राव के पास पहुंचे। वहां उन्होंने वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। साथ ही आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में जिला पंचायत में मनमानी की जा रही है। साथ ही भ्रष्टाचार चरम पर है। इसलिए उक्त 23 सदस्य उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। इस दौरान सभी सदस्यों ने डीएम यशवंत राव को शपथ पत्र भी सौंपे। साथ ही शीघ्र जिला पंचायत की बैठक बुलाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी यशवंत राव ने कहा कि वे उक्त प्रस्ताव पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शीघ्र कार्रवाई करेंगे। इसके बाद सभी सदस्य वापस लौट गए।
इन सदस्यों ने किया समर्थन
जिन जिला पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है। उसमें वंदना यादव, अरविंद कुमार, रूप किशोर, प्रदीप, अनिल कुमार, जय सिंह, राजवती, रीना कुमारी, शांति देवी, प्रेमलता, आशुतोष यादव, सुनीता, सुचेता शाक्य, सुधा राजपूत, सोबरन सिंह, धर्मेंद्र सिंह, ऊषा देवी, सीमा दिवाकर, विजेता, मीनाक्षी यादव, सुमन यादव आदि शामिल हैं।
दो दिन पहले ही निकाले गए थे पति
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के दो दिन पूर्व ही उनके पति अनुजेश प्रताप सिंह यादव को पार्टी से निकाला गया था। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अनुजेश प्रताप सिंह का कहना है कि यह उनके खिलाफ सोची समझी साजिश है। इसके तहत ही यह लामबंदी हो रही है।