एटा। हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार को नवंबर में निकाय चुनाव कराने का आदेश और राज्य सरकार की अंडरटेकिंग के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं हैं। नए परिसीमन के बाद भी इस बार निकाय चुनाव पुराने 153 वार्डों पर कराए जाएंगे। इस बार पुनरीक्षण अभियान में मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
नवंबर में निकाय चुनाव के एलान से चुनाव मैदान में कूदने की तैयारी कर रहे भावी प्रत्याशियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नवंबर में होने वाले चुनाव के मद्देनजर भावी प्रत्याशी समर्थकों के साथ जीत और हार का गुणा भाग करने में जुटे हैं। खास बात यह है कि निकाय चुनाव के लिए कराए गए मतदाता पुनरीक्षण में जलेसर नगर पालिका के अलावा नगर पंचायत अवागढ़ और सकीट जिले में इस बार मतदाताओं की संख्या घटी है।
वहीं परिसीमन में निकायों के क्षेत्रफल में इजाफा हुआ है। हालांकि जिले के किसी निकाय क्षेत्र में वार्ड की संख्या नहीं बढ़ी है। कार्यकाल खत्म होने के बाद से निकायों के निवर्तमान अध्यक्ष बेसब्री से चुनाव के एलान का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को नवंबर में चुनाव का एलान होने से निवर्तमान निकाय अध्यक्षों ने राहत की सांस ली है।
पालिका अध्यक्ष राकेश गांधी ने हाईकोर्ट द्वारा नवंबर में निकाय चुनाव कराने का आदेश देने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि निकाय अध्यक्षों ने चुनाव का एलान होने तक कार्यकाल बनाए रखने के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उस पर ध्यान नहीं दिया। अब प्रदेश के निकाय अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाएंगे।