मथुरा। कृष्ण भक्तों की राह में ‘मुसीबतों के कांटे’ बिछे हैं। कहीं सड़कें टूटी पड़ी हैं तो कहीं कमजोर पुल से गुजरना होगा। तंग पुलों पर भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड पर भी तमाम अव्यवस्थाएं हैं।
मथुरा में जन्मोत्सव मनाने के लिए कृष्ण भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया है। लेकिन प्रशासन अभी तक कोई इंतजाम नहीं कर सका है। मथुरा को आने वाले सभी प्रमुख रास्ते जगह जगह से टूटे पड़े हैं। अलीगढ़ से मथुरा तक का मार्ग एकदम जर्जर है। मथुरा-आगरा मार्ग भी बदहाल है।
मथुरा में आगरा-दिल्ली हाईवे की स्थिति भी खराब है। अब मथुरा आने वाले कृष्ण भक्तों को इन सड़कों पर दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। यमुना का पुल जगह जगह से टूटा पड़ा है। गहरे गड्ढे हो गए हैं। रात के अंधेरे में अगर किसी का पैर इसमें पड़ गया तो वह सीधे यमुना में चला जाएगा। वहीं रेलवे स्टेशन के जंक्शन पर यात्री सुविधा नहीं हैं। भूतेश्वर स्टेशन पर न तो पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय है। यहां प्लेटफार्म तो बने हैं लेकिन यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। पिछले तीन महीने से पानी की सप्लाई ठप पड़ी है।
सेकेंड एंट्री पर यात्री प्रतिक्षालय तो बने हैं लेकिन पानी का कोई इंतजाम नहीं है। दूर दराज से आने वाले कृष्ण भक्तों को समस्याओं से दो चार होना पड़ेगा। वहीं शहर के रास्तों पर भी जगह-जगह गंदगी पड़ी है। जन्मभूमि के आसपास भी गंदगी पड़ी और सड़कें टूटी पड़ी हैं। पोतरा कुंड़ के आसपास की सड़क खराब है। गोविंदनगर में थाने के आसपास भी सड़के टूटी पड़ी हैं। जहां गड्ढे पाटे भी जा रहे हैं वहां मिट्टी डाली जा रही है। इससे कीचड़ हो गई है।