फिरोजाबाद। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के समय फिरोजाबाद में 511 इकाइयां पंजीकृत थी, फिर 625 इकाइयां कहां से आ गईं। किस आधार पर 60 इकाइयों का क्षमता विस्तार किया गया। इन बिंदुओं पर पर्यावरण मंत्रालय ने उद्योग विभाग से रिपोर्ट तलब की है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में कांच उद्योग को लेकर शुक्रवार को अहम बैठक होनी है। मंत्रालय ने बैठक से पूर्व उद्योग विभाग से विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। टीटीजेड में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कितना पालन हो रहा है। वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के समय 511 इकाइयां पंजीकृत थीं, तो 625 इकाइयां कहां से शामिल हो गईं। वर्तमान में कितनी इकाइयां बंद हैं तथा कितनी संचालित हो रही हैं, इसकी पूरी सूची उपलब्ध कराई जाए। गैस मिलने के बाद जिन 60 इकाइयां द्वारा क्षमता विस्तार किया गया, उनका क्या आधार था। इकाइयाें द्वारा किसके आदेश पर क्षमता विस्तार किया गया।
वर्ष 1996 से पूर्व संचालित इकाइयों को कितना कोयला मिलता था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कांच उद्योग को कितनी गैस मिल रही है। कोयल की खपत वर्तमान में गैस की खपत से अधिक है अथवा कम। मंत्रालय द्वारा तलब की गई रिपोर्ट को उद्योग विभाग द्वारा कड़ी मेहनत के बाद शाम तक तैयार किया जा सका। सहायक प्रबंधक आरके पाठक ने बताया कि मंत्रालय द्वारा जिन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी, वह तैयार कराकर भेज दी गई है।