मैनपुरी। भारत-चीन के बीच चल रही तनातनी का असर जिले में भी दिखाई देने लगा है। इस बार रक्षाबंधन को लेकर दुकानदारों ने चीन का बना हुआ कोई माल नहीं मंगाया है। इस बार बाजार में राखी भी भारत में ही बनी बेची जा रही हैं।
गौरतलब है कि इन दिनों भारत और चीन में डोकलाम मामले को लेकर काफी तनातनी चल रही है। दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने मोर्चा संभाले हुए हैं। लेकिन इसका असर जिले में भी पड़ा है। दुकानदारों ने जवानों का साथ देते हुए इस बार चीन की राखियों को नहीं लाए हैं। उन्हें आशंका है कि चीन में निर्मित राखियों को रखने से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए राखियों के थोक व फुटकर विक्रेता भी भारत में बनी राखी ही बेच रहे हैं।
दुकानदार ऐवाज ने बताया कि इस बार चीन की बनी राखी बाजार में नहीं आई हैं। लोगों में चीन के सामान को लेकर काफी गुस्सा है। वहीं हमारा भी देश के लिए कोई फर्ज बनता है। राकेश कुमार ने बताया कि इस बाजार में चीन की कोई राखी नहीं आ रही है। सब राखियां देश में ही बनी हुई है।
इस रक्षाबंधन पर दुकानदारों की ओर से चीन की राखियां नहीं लाने से बाजार में चीनी कंपनियों को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। दुकानदारों ने बताया कि पिछली साल जिले में लगभग 10 लाख रुपये की चीनी राखियां आई थी। जो इस वर्ष नहीं आई हैं।